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Meerut News: ‘कृष्ण’ निकला कासिम! एक साल तक मंदिर में पूजा-पाठ कराता रहा मौलवी का बेटा, धोती खुली तो मच गया बवाल

पूछताछ में उसने खुलासा किया कि असली नाम कासिम पुत्र मोहम्मद अब्बास है। वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के कोली रायपुर गाँव का रहने वाला है। उसके पिता एक स्थानीय मौलवी हैं। कासिम ने दावा किया कि वह 20 साल पहले यूपी आया था और दिल्ली के मंदिरों में रहकर पूजा-पाठ और मंत्रोच्चार सीखा था।

Published by Ashish Rai

Meerut News: आजकल धर्मांतरण को लेकर कई खबरें सामने आ रही हैं। कभी कोई मुस्लिम युवक झूठ बोलकर हिंदू लड़की को अपने जाल में फंसाता है, तो कभी कुछ और। सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। फिर भी अपराध कम नहीं हो रहे हैं। अब मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गाँव से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ के प्राचीन शिव मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को पता चला कि मंदिर में एक साल से पुजारी के रूप में रह रहा युवक हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है। युवक ने खुद को कृष्ण बताकर मंदिर में रहने की अनुमति ले रखी थी। मंदिर में पहले कोई पुजारी नहीं था, इसलिए ग्रामीणों ने उसे पूजा-पाठ की जिम्मेदारी सौंप दी थी। लेकिन, अब जब राज खुला तो सब दंग रह गए। आइए जानते हैं पूरा मामला…

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15 दिन से गायब

सामने आई जानकारी के अनुसार, खुद को कृष्ण बताने वाला युवक रोजाना पूजा-पाठ करता था। साथ ही लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान भी देता था। पहले तो ग्रामीण उसे साधु समझकर सम्मान देने लगे, हालांकि कुछ महीनों बाद शक होने पर उससे उसका पहचान पत्र मांगा। इस पर वह अचानक 15 दिन के लिए गायब हो गया। वापस आकर उसने फिर से पूजा-पाठ शुरू कर दिया। हाल ही में हस्तरेखा पढ़ने को लेकर उसका एक ग्रामीण से विवाद हुआ था, जिसके बाद वह मंदिर से चला गया।

फिर अचानक उसने ऐसा किया

बुधवार को शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के उपलक्ष्य में मंदिर में भंडारा आयोजित किया गया था। तभी ‘कृष्ण’ फिर मंदिर पहुँचा और कमरे से कुछ सामान निकालने लगा। ग्रामीणों को उस पर चोरी का शक हुआ, इसलिए पूछताछ शुरू हुई। बहस बढ़ने पर कुछ लोगों ने उसकी धोती खींच ली, जिससे उसकी असली पहचान उजागर हो गई।

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खुद को हिंदू बताया

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि असली नाम कासिम पुत्र मोहम्मद अब्बास है। वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के कोली रायपुर गाँव का रहने वाला है। उसके पिता एक स्थानीय मौलवी हैं। कासिम ने दावा किया कि वह 20 साल पहले यूपी आया था और दिल्ली के मंदिरों में रहकर पूजा-पाठ और मंत्रोच्चार सीखा था। उसने अपने हाथ पर ‘कृष्ण’ नाम का टैटू भी गुदवाया है।

कासिम का कहना है कि उसने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाया है और कई सालों से साधु-संतों के साथ रह रहा है। हालाँकि, गाँव वालों का कहना है कि उसने हमेशा अपनी पहचान छिपाई और पुलिस सत्यापन के दौरान भी उसने अपना नाम ‘कृष्ण’ बताया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और बिहार पुलिस को सूचना भेज दी गई है।

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