Categories: देश

जहां रची गई दिल्ली ब्लास्ट की साजिश वहां चलेगा बुलडोजर, कहां जाएंगे Al Falah University के छात्र ?

Al Falah University: दिल्ली ब्लास्ट के बाद अब अल फलाह विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है.आतंकी साजिश के खुलासे के बाद, भूमि अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी अनियमितताओं का भी खुलासा हुआ है.

Published by Divyanshi Singh

Al Falah University: दिल्ली विस्फोट मामले में एनआईए को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब उसने विस्फोट में इस्तेमाल की गई i20 कार के मालिक आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया. आमिर पर डॉ. उमर नबी के साथ मिलकर आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है. इस बीच हरियाणा के अल फलाह विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है.फरीदाबाद में प्रशासनिक उल्लंघनों के गंभीर आरोपों की जांच तेज़ हो गई है. आतंकी साजिश के खुलासे के बाद, भूमि अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी अनियमितताओं का भी खुलासा हुआ है.

कई सरकारी ज़मीनों पर अतिक्रमण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगभग 80 एकड़ के परिसर के विस्तार के दौरान कई सरकारी ज़मीनों पर अतिक्रमण किया. इसके अलावा, बिना अनुमति के कई इमारतों का निर्माण भी किया गया. प्रशासन अब विश्वविद्यालय के अवैध निर्माणों को गिराने की तैयारी कर रहा है. जल्द ही वहां बुलडोजर चलते दिखाई दे सकते हैं.

अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े हैं ब्लास्ट के तार

गौरतलब है कि 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के बाहर i20 कार पर हुए आतंकी हमले के तार फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े थे. विस्फोट में शामिल डॉ. उमर नबी इसी विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे. इस आतंकवादी हमले में 13 लोग मारे गए थे.

Related Post

सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया गया आतंकवादी डॉ. शाहीन भी इसी विश्वविद्यालय से जुड़ा था. इसके बाद, फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के नमूने लेने के दौरान श्रीनगर के नौगाम में एक भीषण विस्फोट हुआ. इसमें नौ लोग मारे गए. पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह एक दुर्घटना थी, कोई साज़िश नहीं.

इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी विश्वविद्यालय की स्थापना

अल-फ़लाह विश्वविद्यालय की स्थापना 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी. 2013 में अल-फ़लाह इंजीनियरिंग कॉलेज को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से “A” श्रेणी की मान्यता प्राप्त हुई. अल-फ़लाह मेडिकल कॉलेज भी इसी विश्वविद्यालय से संबद्ध है. 2 मई 2014 को हरियाणा सरकार ने हरियाणा निजी विश्वविद्यालय विधेयक (2006) में संशोधन करके इसे एक निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता प्रदान की. उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे. हरियाणा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक (2014) के माध्यम से राज्य में 17 निजी विश्वविद्यालयों को मान्यता दी गई थी.

Divyanshi Singh
Published by Divyanshi Singh

Recent Posts

पाक करेगा टी20 वर्ल्ड कप को बॉयकॉट! जानें इस बार क्या है PCB की भारत न आने की साजिश?

T20 World Cup 2026: कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन…

January 19, 2026

BJP Presidents List: नितिन नबीन बनेंगे बीजेपी के अगले अध्यक्ष, यहां देखें 1980 से 2020 तक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्षों की लिस्ट

BJP Party Presidents: 2019 तक BJP राष्ट्रीय संसद में प्रतिनिधित्व (303 सीटें) के मामले में…

January 19, 2026

भीख नहीं मांगी, लोग खुद देते थे पैसे! करोड़पति भिखारी की हैरान कर देने वाली कहानी

Indore Rich Beggar Mangilal: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दिव्यांग भिखारी जो सालों से…

January 19, 2026