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Ajit Pawar Last Wish: क्या थी अजित पवार की ‘अंतिम इच्छा’, जो रह जाएगी अधूरी; क्या नाराज हो गए चाचा

Ajit Pawar Last Wish : महाराष्ट्र में राजनीति अब नया करवट ले सकती है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या अजित पवार की मौत के 5 दिन पहले जताई गई उनकी यह इच्छा अधूरी रह जाएगी.

Published by JP Yadav

Ajit Pawar Last Wish: महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया अजित पवार अब इस दुनिया में नहीं हैं. बुधवार (28 जनवरी, 2026) को बारामती में विमान क्रैश होने से उनका निधन हो गया. उनके निधन के 48 घंटे के भीतर विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य और पवार परिवार के करीबी किरण गुजर ने अजित पवार और शरद पवार के एक साथ आने यानी दोनों पार्टियों के विलय का खुलासा किया था. किरण गुजर के मुताबिक, कि NCP प्रमुख अजीत पवार की आखिरी इच्छा पार्टी के दोनों गुटों को एक करने की थी. इस बीच इसमें एक नया ट्विस्ट आ गया है. खबर है कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं और उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा. इस पर जब  पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के मुखिया शरद पवार से सवाल किया गया तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी से इन्कार करते हुए कहा कि उनसे कोई सलाह नहीं ली गई है.  इससे तो लगता है कि दोनों परिवार के साथ-साथ दोनों दलों में फिलहाल कोई सामंजस्य नहीं है. 

अब दोनों गुटों के बीच बातचीत का क्या होगा

एक पत्रकार को दिए साक्षात्कार में शरद पवार ने बताया कि NCP के दोनों गुटों के बीच बातचीत जारी है और यह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. अंतिम निर्णय नेताओं पर निर्भर है. शरद पवार की मानें तो अजित पवार और जयंत पाटिल बातचीत में सक्रिय थे. अब अंतिम निर्णय जयंत पाटिल को सौंपा गया है. यह कहकर शरद पवार ने सस्पेंस बढ़ा दिया है कि अब आगे क्या होगा, यह बातचीत में शामिल रहे नेताओं को तय करना है. यह वाक्य इस बात की ओर इशारा करता है कि शरद पवार यह सब तय नहीं कर रहे हैं. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और राज्य के चाणक्य के रूप में मशहूर शरद पवार का यह बयान उनकी निराशा जाता है. यह भी बताता है कि वह अजित पवार की तरह दोनों दलों के विलय के लिए तैयार हैं. 

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सुनेत्रा के डिप्टी सीएम बनने पर क्या बोले शरद पवार?

सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने और डिप्टी सीएम बनने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर शरद पवार ने कहा कि यह निर्णय NCP का  है. उन्होंने यह कहकर दूरी का संकेत भी दिया कि पवार परिवार को इस पर भरोसे में नहीं लिया गया. यहां पर पवार परिवार का मतलब शरद पवार है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें प्रक्रिया से बाहर रखा गया, तो उन्होंने कहा- मुझे नहीं पता है.  इस बीच पत्रकार वे जब उनके पूछा कि सुनेत्रा पवार को मंत्री बनाने पर इतनी जल्द बाजी क्यों दिखाई गई तो शरद पवार ने नाराजगी भरे अंदाज में कहा कि यह सब मुझसे क्यों पूछ रहे हैं. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अजित पवार की वह इच्छा पूरी होगी, जिसमें उन्होंने NCP के दोनों दलों विलय की बात कही थी. 

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