Gold-Silver: दुनिया में बहुत-सी धातुएं पाई जाती हैं. लोहा, तांबा, एल्युमिनियम जैसी धातुएं हम रोज इस्तेमाल करते हैं. फिर भी हजारों सालों से सिर्फ सोना और चांदी को ही सबसे ज्यादा कीमती माना गया है. हर सभ्यता में इनका महत्व रहा है. लोग इन्हें सुंदरता, धन और सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं.
प्राचीन मिस्र, रोम, भारत और चीन में सोने और चांदी से गहने बनाए जाते थे और सिक्के ढाले जाते थे. आज भी शादियों, त्योहारों और पूजा-पाठ में इनका खास स्थान है. लोग इन्हें मुश्किल समय में सुरक्षित संपत्ति मानते हैं.
सोना और चांदी जल्दी खराब नहीं होते
सोना और चांदी की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये जल्दी खराब नहीं होते. सोना हवा, पानी या नमी से बिल्कुल नहीं बदलता. इसमें जंग नहीं लगती और इसकी चमक सालों तक बनी रहती है. चांदी कभी-कभी हल्की काली पड़ सकती है, लेकिन इससे धातु को ज्यादा नुकसान नहीं होता.
दूसरी धातुएं क्यों बदल जाती हैं
बाकी धातुएं हवा और पानी के संपर्क में आते ही बदलने लगती हैं. लोहा जंग खा जाता है, तांबा हरा हो जाता है और एल्युमिनियम की ऊपर की सतह बदल जाती है. इसी कारण पुराने समय की कब्रों में मिले सोने और चांदी के गहने आज भी वैसे ही दिखते हैं.
सबसे पहले इन्हीं धातुओं का उपयोग क्यों हुआ
सोना और चांदी जमीन में अक्सर अपने शुद्ध रूप में मिल जाते थे. इन्हें गलाने या खास मशीनों की जरूरत नहीं थी. पुराने समय में लोग इन्हें पत्थरों या नदियों से उठाकर आसानी से शेप दे सकते थे. इसी वजह से इंसानों ने सबसे पहले इन्हीं धातुओं का उपयोग शुरू किया.
गहनों के लिए सबसे अच्छे
सोना बहुत नरम होता है, इसलिए इसे आसानी से मनचाहा शेप दिया जा सकता है. चांदी भी मजबूत और चमकदार होती है. दोनों ही धातुएं लंबे समय तक चलती हैं और टूटती नहीं हैं. यही कारण है कि इनसे बने गहने पीढ़ियों तक चलते हैं.
सोना और चांदी को आसानी से तौला और बांटा जा सकता है. इन्हें नकली बनाना भी मुश्किल होता है. इसलिए इन्हें दुनिया भर में पैसे के रूप में अपनाया गया. पुराने समय में सोने-चांदी के सिक्के चलन में थे और भारत में भी इनका इस्तेमाल मुद्रा की तरह होता था.
आज भी उतना ही महत्व
आज के समय में भी सोना और चांदी बहुत जरूरी हैं. लोग इन्हें निवेश के लिए खरीदते हैं. इनके अलावा मोबाइल, कंप्यूटर, दवाइयों और अंतरिक्ष तकनीक में भी इनका उपयोग होता है.
सोना और चांदी सिर्फ धातुएं नहीं हैं. ये समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं. ये सुंदर हैं, टिकाऊ हैं और भरोसेमंद हैं. यही कारण है कि हजारों साल बाद भी इनका महत्व बना हुआ है.

