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Male fertility: क्या उम्र के साथ पुरुषों में बांझपन बढ़ता है, प्रजनन क्षमता होती है कमजोर? जानिए शुक्राणु से जुड़ी सच्चाई

Male fertility: पुरुष जीवनभर शुक्राणु बनाते रहते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता, संख्या और डीएनए प्रभावित होते हैं. 40 के बाद गर्भधारण की संभावना घट सकती है, हालांकि स्वस्थ जीवनशैली से इस प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

Published by Ranjana Sharma

Male fertility: अक्सर यह माना जाता है कि पुरुष किसी भी उम्र में पिता बन सकते हैं, क्योंकि उनके शरीर में जीवनभर शुक्राणु बनते रहते हैं. यह बात आंशिक रूप से सही भी है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है. हाल के शोध बताते हैं कि केवल शुक्राणु बनते रहना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता, संख्या और डीएनए की स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है.

उम्र के साथ घटती है शुक्राणु की गुणवत्ता

शोध के मुताबिक, पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ शुक्राणुओं की संख्या और उनकी गति (गतिशीलता) में कमी आने लगती है. इसके साथ ही करीब 40 वर्ष की उम्र के बाद शुक्राणुओं के डीएनए में टूट-फूट की संभावना भी बढ़ जाती है, जो गर्भधारण की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है. उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है, जिसे हाइपोगोनाडिज्म कहा जाता है. यह बदलाव एंड्रोपॉज़ नामक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है, जो महिलाओं के रजोनिवृत्ति से कुछ हद तक मिलती-जुलती है. इसके कारण स्तंभन दोष और प्रजनन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

शरीर के अंगों की कार्यक्षमता पर असर

पुरुष प्रजनन तंत्र के अंग-अंडकोष, एपिडिडाइमिस, वीर्य पुटिका और प्रोस्टेट ग्रंथि-को सही तरीके से काम करना जरूरी होता है. उम्र बढ़ने के साथ इन अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे शुक्राणुओं का निर्माण, संग्रहण और स्खलन प्रक्रिया प्रभावित होती है.

गर्भधारण और बच्चे के स्वास्थ्य पर असर

स्वस्थ गर्भधारण के लिए जरूरी है कि शुक्राणुओं का डीएनए पूरी तरह सुरक्षित और सही हो. शोध बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ आनुवंशिक बदलाव (म्यूटेशन) बढ़ सकते हैं, जिससे असामान्य शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाती है. ऐसे में गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है और दुर्लभ मामलों में बच्चे में जन्मजात विकारों का खतरा भी बढ़ सकता है.

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40 के बाद घटती है गर्भधारण की संभावना

एक अध्ययन के अनुसार, 40 वर्ष की उम्र के बाद हर साल पुरुष की साथी को गर्भवती करने की संभावना लगभग 11 प्रतिशत तक कम हो सकती है. हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है और यह उसकी सेहत पर भी निर्भर करता है.

इन बीमारियों  का है खतरा

उम्र से जुड़ी पुरुष बांझपन कई स्वास्थ्य समस्याओं के साथ भी जुड़ी हो सकती है, जैसे-

  • स्तंभन दोष
  • मूत्र संबंधी विकार
  • उच्च रक्तचाप और मधुमेह
  • मानसिक तनाव या अवसाद

स्वस्थ जीवनशैली से मिल सकता है लाभ

विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों की प्रजनन क्षमता उनके समग्र स्वास्थ्य से जुड़ी होती है. यदि व्यक्ति स्वस्थ जीवनशैली अपनाता है, संतुलित आहार लेता है और नियमित व्यायाम करता है, तो उम्र बढ़ने के बावजूद प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाए रखा जा सकता है.

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

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