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Lung strength test: फेफड़ों की मजबूती की जांच के लिए कौन सा टेस्ट होता है? जानें मजबूत बनाने के तरीके

Lung strength test:फेफड़ों की मजबूती जांचने के लिए स्पाइरोमेट्री सबसे आम टेस्ट है. नियमित प्राणायाम, एरोबिक व्यायाम, संतुलित आहार और धूम्रपान से दूरी फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद करती है.

Published by Ranjana Sharma

Lung strength test: फेफड़े हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं, जो सांस लेने और शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं. लेकिन प्रदूषण, धूम्रपान, संक्रमण और खराब जीवनशैली के कारण फेफड़ों की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि फेफड़ों की मजबूती किस परीक्षण से मापी जाती है और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं.

फेफड़ों की होती है यह जांच

डाक्टरों विशेषज्ञों के अनुसार, फेफड़ों की कार्यक्षमता का आकलन करने के लिए सबसे सामान्य और भरोसेमंद जांच स्पाइरोमेट्री  है. इस टेस्ट में व्यक्ति को एक मशीन में गहरी सांस लेकर जोर से छोड़ने के लिए कहा जाता है. इससे यह मापा जाता है कि फेफड़े कितनी हवा अंदर ले सकते हैं और कितनी तेजी से बाहर निकाल सकते हैं. यह जांच अस्थमा, सीओपीडीऔर अन्य श्वसन रोगों का पता लगाने में भी मददगार होती है.

ये भी जांच की जाती हैं

इसके अलावा पीक फ्लो टेस्ट, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट और जरूरत पड़ने पर चेस्ट एक्स-रे या सीटी स्कैन भी फेफड़ों की स्थिति समझने के लिए किए जाते हैं. डॉक्टर मरीज के लक्षण और इतिहास के आधार पर उपयुक्त जांच की सलाह देते हैं.

ऐसे करें फेफड़ों को मजबूत

फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए जीवनशैली में कुछ सरल बदलाव बेहद असरदार साबित हो सकते हैं. नियमित प्राणायाम और गहरी सांस लेने के व्यायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. खासकर अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका और डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग जैसे अभ्यास लाभकारी माने जाते हैं. इसके साथ ही रोजाना तेज चलना, जॉगिंग, साइक्लिंग या तैराकी जैसे एरोबिक व्यायाम फेफड़ों की कार्यक्षमता सुधारते हैं. विशेषज्ञ धूम्रपान और सेकेंड-हैंड स्मोक से पूरी तरह दूर रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह फेफड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है.

संतुलित आहार लें

संतुलित आहार भी फेफड़ों की सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल-सब्जियां, विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ, पर्याप्त पानी और प्रदूषण से बचाव फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. घर और कार्यस्थल की हवा साफ रखना भी जरूरी है. स्पाइरोमेट्री जैसे परीक्षण से फेफड़ों की मजबूती का सही आकलन किया जा सकता है, जबकि नियमित व्यायाम, सही खानपान और धूम्रपान से दूरी फेफड़ों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

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