Political Leaders Death Penalty History: बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina), पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को 2024 के छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया है. ट्रिब्यूनल ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है. कोर्ट ने हसीना को तीन आरोपों में दोषी ठहराया. इसके बाद एक महीने तक ट्रायल चला जिसमें उन्हें पिछले साल के छात्र विरोध प्रदर्शनों पर जानलेवा कार्रवाई का आदेश देने का दोषी पाया गया था. जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तजा मजूमदार ने तीन सदस्यों वाले ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता की. आइए आपको बताते हैं कि शेख हसीना से पहले किन नेताओं को मौत की सजा सुनाई गई है.
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किस नेताओं को पहले फांसी दी जा चुकी है?
अगर नेताओं को मौत की सजा या फांसी की सजा के बारे में बात करें तो शेख हसीना से पहले भी कई ऐसे नेता है, जिन्हें मौत की सजा मानवता के खिलाफ अपराध में मिली है, आइए विस्तार से जानें उन नेताओं की बारे में.
मतिउर रहमान निजामी
बांग्लादेश के एक नेता मतिउर रहमान निज़ामी भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्हें 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया गया था. बांग्लादेश की एक स्पेशल कोर्ट ने उन्हें नरसंहार, हत्या और टॉर्चर के लिए मौत की सज़ा सुनाई थी. वह कट्टरपंथी ग्रुप जमात-ए-इस्लामी के हेड भी थे.
ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो
इस लिस्ट में अगला नाम पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो का है. उन्हें 4 अप्रैल, 1979 को रावलपिंडी में फांसी दी गई थी। कहा जाता है कि भुट्टो को फेयर ट्रायल नहीं दिया गया. यह फ़ैसला जनरल ज़िया-उल-हक के मिलिट्री तख्तापलट के बाद आया, जब भुट्टो पर एक पॉलिटिकल दुश्मन की हत्या की साज़िश में शामिल होने का आरोप लगा था. यह ट्रायल विवादित था और इसे पॉलिटिकल बदले की कार्रवाई माना गया.
निकोले चाउसेस्कु
इस लिस्ट में अगला नाम एक पागल तानाशाह का है. उसने 25 साल तक रोमानिया पर राज किया. उसे 21 दिसंबर, 1989 को देश भर में हुए विद्रोह के बीच गिरफ्तार कर लिया गया था. मिलिट्री कोर्ट में कुछ ही घंटों के ट्रायल के बाद, उन्हें और उनकी पत्नी को नरसंहार, भ्रष्टाचार और पावर के गलत इस्तेमाल का दोषी पाया गया. फैसले के तुरंत बाद, दोनों को फायरिंग स्क्वाड द्वारा मौत की सज़ा सुनाई गई. इसे यूरोप में तानाशाही के खत्म होने का प्रतीक माना जाता है. कहा जाता है कि इन 25 सालों में उन्होंने रोमानिया के लोगों की ज़िंदगी नरक बना दी थी.
सद्दाम हुसैन
अगर फांसी की सजा की बात की जाए तो सबसे बहले नाम आता है सद्दाम हुसैन का. इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को 2006 में मानवता के खिलाफ अपराधों, राजनीतिक दमन और नरसंहार के आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई थी. उनके राज में शिया और कुर्द आबादी पर बड़े पैमाने पर ज़ुल्म की खबरें आईं. US हमले के बाद, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और एक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मौत की सज़ा सुनाई गई, जो मॉडर्न इतिहास की सबसे बदनाम फांसी में से एक बन गई.
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