Ajit Pawar Plane Crash Reason: टेकऑफ और लैंडिंग क्यों होती है जानलेवा, आखिर क्या है प्लेन हादसों का सबसे बड़ा राज?

Ajit Pawar Plane Crash : अजित पवार के प्लेन क्रैश के पीछे की वजह क्या है? इस पर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन सभी के दिमाग में केवल एक ही सवाल है कि प्लेन हादसे Landing और Takeoff के वक्त क्यों होते हैं?

Published by Preeti Rajput

Plane Crash Reason: अभी अहमदाबाद प्लेन क्रैश की यादें जहन से मिटी भी नहीं थी, कि महाराष्ट्र के बारामती में एक और विमान हादसा हो गया. इस हादसे में भी हमने एक राजनेता खो दिया है. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया है. इस खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. घटना का एक वीडियो भी सामने आ चुका है. जिसमें विमान आग की लपटों में घिरा हुआ नजर आ रहा है. इस विमान में सवार 5 अन्य लोगों की भी मौत हो चुकी है. इस हादसे के पीछे की वजह क्या है?  इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन सभी के जहन में केवल एक ही सवाल घूम रहा है कि प्लेन हादसे लैंडिंग और टेकऑफ के वक्त ही क्यों होते हैं?

क्या कहते हैं प्लेन हादसे के आंकड़े?

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2005 से 2023 में हुए हादसों में आधे से ज्यादा मतलब 53 प्रतिशत हादसे लैंडिंग के दौरान हुए हैं. वहीं टेकऑफ के दौरान हुए हादसे दूसरे नंबर पर आते हैं. यह कुल हादसों का करीब 8.5 प्रतिशत है. बोइंग की वेबसाइट के मुताबिक, 2015 से 2024 तक कॉमर्शियल जेट हादसे में टेकऑफ फेज में 20% हादसे हुए और लैंडिंग फेज में 47% हादसे हुए.

टेकऑफ और लैंडिंग क्यों है खतरनाक?

प्लेन के उड़ान की शुरुआत और आखिर में हादसा होने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है. क्योंकि इस दौरान पायलट के पास स्थिति को समझने और उसे नियंत्रित में करने के लिए काफी कम समय होता है. आसान शब्दों में कहें तो इन दोनों चरणों में प्लेन कम ऊंचाई पर होता है. इसलिए पायलट के पास दुर्घटना की स्थिति से बचने के लिए काफी कम समय होता है. 

Related Post

क्या कहती है रिपोर्ट?

बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक,  जब विमान 36 हजार फीट ऊंचाई पर प्लेन उड़ान भरता है तो वह क्रूज फेज में होता है. उस समय पायलट के पास रास्ता तय करने के लिए समय और स्थान दोनों पर्याप्त मात्रा में होता है. अगर दोनों इंजन काम करने बंद भी कर दें, तो भी आसमान से प्लेन अचानक से नहीं गिरता है. यह एक ग्लाइडर बन जाता है. इस स्थिति में पायलट के पास प्लेन उतारने के लिए लगभग 8 मिनय का समय होता है. लैंडिंग या टेकऑफ के दौरान ऐसा होता है, तो पायलट कई बार असफल हो जाते हैं. वहीं लैंडिंग के दौरान पायलट सबसे ज्यादा तनाव में होता है. जिसमें पायलट को हवा की स्पीड और दिशा से लेकर कई अहम बातों का ध्यान रखना होता है. साथ ही उसे स्पीड को लेकर भी फैसला करना होता है. माना जाता है कि प्लेन हादसे लैंडिंग फेज के दौरान, पायलट की गलती के चलते होते हैं.

Ajit Pawar Networth: करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे अजित पवार! यहां जानें  महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री की नेटवर्थ

Preeti Rajput

Recent Posts

Four Ashrams of Life: सनातन धर्म में जीवन के चार आश्रम कौन-से हैं? ब्रह्मचर्य से संन्यास तक जानें इनका महत्व

Know Your Tradition: जीवन में हर पड़ाव को समझने के लिए हिंदू धर्म में चार…

January 28, 2026

अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ा प्लेबैक सिंगिंग करियर, जानें अब क्या करेंगे सिंगर? हो गया खुलासा

Arijit Singh : सिंगर अरिजीत सिंह ने हाल ही में प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का ऐलान…

January 28, 2026

पत्नी सुनेत्रा या फिर कोई और? अजित पवार के बाद कौन संभालेगा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कमान?

Sunetra Pawar: पत्नी सुनेत्रा या फिर अजित पवार के दो बेटों पार्थ और जय. अब सवाल…

January 28, 2026

Budget Session 2026: महिलाओं से लेकर युवाओं तक को फायदा! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बजट सत्र में कहीं कई बड़ी बातें

Budget Session 2026 : 1 फरवरी, 2026 को फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट…

January 28, 2026