Geetu Mohandas shares note on ‘female pleasure’: फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टीज़र में एक बोल्ड सीन को लेकर निर्देशक गीतु मोहनदास इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं बल्कि आलोचनाओं के घरे में भी खड़े हुए हैं. दरअसल, आलोचकों ने इसे महिला वस्तुकरण (Female Objectification) से जोड़ा है, जबकि गीतु ने अब इस मामले में चुप्पी तोड़ दी है. तो वहीं, दूसरी तरफ इस विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री में ‘महिला आनंद’ और ‘फिल्म निर्माण में महिला नजरिये’ पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
आखिर क्या है विवाद की वजह?
दरअसल, यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’ (Toxic) के टीज़र में दिखाए गए एक इंटीमेट सीन ने सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस छेड़ दी है. जहां, फिल्म की निर्देशक गीतु मोहनदास ने इन तमाम आलोचनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह साफ किया है कि इन विवादों से किसी भी तरह से विचलित होने की ज़रूरत नहीं है.
फिल्म निर्देशक ने ट्रोलर्स को दिया जवाब
फिल्म निर्देशक गीतु मोहनदास ने अपनने सोशल मीडिया पर यानी इंस्टाग्राम पर इस मामलो को लेकर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि वे “चिल” कर रही हैं, जबकि लोग ‘फीमेल प्लेजर’, ‘सहमति’ और ‘सिस्टम कंट्रोल’ जैसे भारी-भरकम विषयों पर चर्चा करने में पूरी तरह से व्यस्त हैं. इसके अलावा उन्होंने टीज़र में दिखने वाली महिला किरदार का नाम बीट्रिज टौफेनबैक बताया और उसे अपनी “कब्रिस्तान वाली लड़की” (Cemetery Girl) कहकर संबोधित भी किया. तो वहीं, दूसरी तरफ जहां कुछ लोग इसे महिला सश्कितकरण के खिलाफ मानने में जुटे हुए हैं, तो वहीं, राम गोपाल वर्मा जैसे दिग्गजों ने गीतु के बोल्ड विजन की जमकर तारीफ की है.
आखिर फिल्म को लेकर क्या है दर्शकों की राय?
फिलहाल, इस फिल्म को लेकर कुछ समर्थकों ने कहा कि यह सीन फिल्म के डार्क और एक्सपेरिमेंटल टोन को दर्शाने के लिए जरूरी भी हो सकता है. तो वहीं, कुछ दर्शकों ने अपनी राय देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अब इस फिल्म को लेकर दो गुट आपस में हू बंट चुके हैं, एक जो इसे फिल्म की क्रिएटिव आजादी मान रहा है और दूसरा जो इसे अनावश्यक प्रचार का एक जरिया बता रहा है.
लोग चाहे कुछ भी बोलें लेकिन फिल्म निर्देशक गीतु मोहनदास ने सभी आलोचनाओं पर जमकर निशाना साधा है.

