Home > दिल्ली > JNU Student Union Protest: कौन है JNU के नीतीश कुमार, जिन्हें पुलिस ने 14 छात्रों संग किया गिरफ्तार; जानें क्या है पूरा मामला?

JNU Student Union Protest: कौन है JNU के नीतीश कुमार, जिन्हें पुलिस ने 14 छात्रों संग किया गिरफ्तार; जानें क्या है पूरा मामला?

JNU Student Union Protest: दिल्ली में JNU कैंपस में प्रोटेस्ट को देखते हुए पुलिस ने स्टूडेंट्स को कैंपस के अंदर रोकने की कोशिश की. वहीं अब इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

By: Preeti Rajput | Last Updated: February 27, 2026 9:53:59 AM IST



JNU Student Union Protest: देश की राजधानी दिल्ली में  JNU कैंपस में JNU स्टूडेंट यूनियन ने UGC के नियमों को लागू करने की मांग को लेकर कैंपस में शुक्रवार, 27 फरवरी की सुबह प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. दिल्ली पुलिस ने स्टूडेंट्स को कैंपस के भीतर रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे. 

14 लोगों को किया गिरफ्तार 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में जाने-माने स्टूडेंट लीडर, JNUSU के पूर्व प्रेसिडेंट नीतीश कुमार, JNUSU प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा, वाइस प्रेसिडेंट गोपिका बाबू और जॉइंट सेक्रेटरी दानिश अली शामिल हैं. वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है और जांच चल रही है.

स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच बहस 

इस बीच, स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच झड़प के बाद भारी पुलिस तैनात है. स्टूडेंट्स यूनियन के मार्च के दौरान हुई झड़प में पुलिस और JNU स्टूडेंट्स घायल हो गए. पुलिस का दावा है कि उन पर हमला किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर बहुत ज़्यादा बल इस्तेमाल किया.

25 पुलिसवाले घायल

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दंगाइयों ने लाठियां और जूते फेंके और मारपीट की, जिसमें ACP वेद प्रकाश, ACP संघमित्रा, SHO अतुल त्यागी और SHO अजय यादव जैसे सीनियर अधिकारियों समेत करीब 25 पुलिसवाले घायल हो गए. कहा जा रहा है कि झड़प के दौरान कुछ पुलिसवालों को दांत भी लगे. 

राजधानी में पानी का संकट शुरू, 48 घंटे तक इन इलाकों में नहीं मिलेगी पानी सप्लाई; देखें पूरी लिस्ट

क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टूडेंट्स ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस से मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन ऑफिस तक लॉन्ग मार्च निकालना का आह्वान किया था. बता दें कि, यह यह मार्च JNU वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के एक पॉडकास्ट पर यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों को लागू करने,  पदाधिकारियों को निकालने और प्रस्तावित रोहित एक्ट पर दिए गए बयान के खिलाफ किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार,  स्टूडेंट्स को बताया था कि कैंपस के बाहर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है. जिसके कारण अपना प्रदर्शन यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर ही रखने की सलाह दी थी. इसके बावजूद, लगभग 400-500 स्टूडेंट्स कैंपस में इकट्ठा हुए और विरोध मार्च निकालना शुरू कर दिया.  

Delhi Gangwar: आखिर कौन है लॉरेंस बिश्नोई का बाप! जिसने चलवा दी उसके ही वकील पर गोलियां, भारत में अब राहुल-नवीन का खौफ

Advertisement