Chhattisgarh: दुर्ग में धर्मांतरण विवाद, लालच देकर धर्मांतरण का आरोप

Chhattisgarh: दुर्ग के बोरसी में धर्मांतरण का विरोध, दो पास्टर गिरफ्तार; हिंदू संगठन ने लगाया लालच देने का आरोप, क्रिश्चियन काउंसिल ने किया खंडन

Published by Swarnim Suprakash

दुर्ग से वैभव चंद्राकर की रिपोर्ट 
Chhattisgarh: दुर्ग के पदमनाभपुर थाना क्षेत्र के बोरसी इलाके में रविवार को कथित धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सुबह करीब 11 बजे न्यू मन्नम नगर स्थित एक घर में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिस पर धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठन ने विरोध किया। सूचना पर तहसीलदार प्रफुल गुप्ता और एसपी सुखनंदन राठौर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच के बाद धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दो पास्टर ‘मनोहर तांडी’ और ‘आकाश बसेरा’ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कही जा रही कही जा रही

हिंदू जागरण मंच नगर संयोजक प्रदीप सिन्हा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बोरसी के लेबर कॉलोनी क्षेत्र में लंबे समय से धर्मांतरण का काम चल रहा है। उनके अनुसार उड़ीसा से आए मजदूरों को पहले खाना खिलाने, बीमारी ठीक करने का लालच दिया जाता है और फिर उन्हें प्रार्थना सभाओं में शामिल कराया जाता है। सिन्हा का आरोप है कि बीते एक-दो साल से इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, जो बीच में बंद हो गई थीं लेकिन हाल में फिर से शुरू हो गईं। उनका कहना है कि मौके पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कही जा रही कही जा रही थीं। संगठन की ओर से थाने में लिखित शिकायत भी की गई।

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प्रदीप सिन्हा की शिकायत पर की गई  कार्रवाई

थाना प्रभारी राजेंद्र लहरे ने बताया कि प्रार्थी प्रदीप सिन्हा की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। उनके मुताबिक आवेदन में उल्लेख था कि एक आवासीय मकान में हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अभद्र टिप्पणी की जा रही है। इस आधार पर पदमनाभपुर थाने में धारा 299 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

कुछ लोग हर संडे को ऐसे आयोजनों को निशाना बनाते हैं और धर्मांतरण का मुद्दा गरमाते हैं

दूसरी ओर यूनाइटेड क्रिश्चियन काउंसिल के जिला अध्यक्ष एम. जोनाथन जॉन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि वहां किसी तरह का धर्मांतरण नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा- “पुलिस खुद मौके पर मौजूद थी, क्या उनके संज्ञान में किसी ने कहा कि धर्मांतरण हुआ है? यहां केवल सामान्य प्रार्थना सभा हो रही थी। कुछ असंवैधानिक लोग हर संडे को ऐसे आयोजनों को निशाना बनाते हैं और धर्मांतरण का मुद्दा गरमाते रहते हैं।”

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आरोप झूठे और मनगढंत हैं – जॉन

जॉन ने आरोप लगाया कि इस तरह की बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि अगर ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराने की कोई क्षमता उनके पास होती, तो विरोध करने वालों को भी प्रभावित किया जा सकता था। उनके अनुसार यह सरासर झूठी और मनगढ़ंत बात है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों पास्टरों को कोर्ट में पेश किया गया है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद तय होगी।

Swarnim Suprakash

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