Silver Prices Today 31 January 2026: वैश्चिक स्तर पर आर्थिक मोर्चे के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी अस्थिरता ने निवेशकों को सोना-चांदी का सहारा मिला. लोगों ने सोना-चांदी में पिछले कुछ दिनों के दौरान जमकर निवेश भी किया. इस बीच निवेशकों के लिए बुरी खबर तो खरीदारों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. रविवार (1 फरवरी, 2026) को बजट पेश होना है, उससे पहले चांदी क्रैश हो गई. एक ही दिन में चांदी की चमक फीकी पड़ी और इस दामों में 45000 रुपये कम हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली के साथ-साथ मुंबई, बेंगलुरु, कोलाकात और जयपुर समेत ज्यादातर शहरों में एक किलोग्राम चांदी की कीमत 3,50,000 रुपये पर आ गई, जबकि एक किलोग्राम चांदी की कीमत पिछले दिनों 4,10,000 रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गई थी. विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई कमजोरी के अलावा डॉलर के मजबूत होने की वजह से चांदी की चमक फीकी पड़ी और इसके दाम भारत में भी धड़ाम हो गए. बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कोशिश कर रहे हैं, जिससे डॉलर बीच-बीच में मजबूत हो रहा है. यही वजह है कि चांदी भारत में फीकी पड़ी.
शहर एक किलोग्राम चांदी का भाव
दिल्ली 3,50,000
मुंबई 3,50,000
अहमदाबाद 3,50,000
चेन्नई 3,50,000
कोलकाता 3,50,000
हैदराबाद 3,50,000
जयपुर 3,50,000
भोपाल 3,50,000
लखनऊ 3,50,000
चंडीगढ़ 3,50,000
यहां पर बता दें कि शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) वीकेंड पर सिल्वर फ्यूचर्स 3,83,646 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला. सुबह से ही उतार-चढ़ाव के बीच इसमें गिरावट दर्ज की गई, वहीं इससे पहले यानी गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को सिल्वर का मार्च फ्यूचर्स 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था. चांदी की बात करें तो कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स करीब 15 प्रतिशत तक गिर गया. शुक्रवार को 5 बजे के करीब यह 10.75 प्रतिशत गिरकर 3,57,500 रुपये प्रति किलो चल रहा था, जबकि 29 जनवरी को इसका क्लोजिंग प्राइस 3,99,893 रुपये प्रति किलो ग्राम था.
चांदी के दाम क्यों गिरे, एक्सपर्ट ने दिया जवाब
उधर, वीटी मार्केट में सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खो चांदी की कीमतों में आई गिरावट की वजह टेक्निकल बता रहे हैं. उनका मानना है कि जनवरी की शुरुआत में चांदी की कीमतों में तेजी आई थी और यह लगातार जारी थी. इस बीच एमसीएक्स पर सिल्वर महीने दर महीने आधार पर 60 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 4.2 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था. जानकारों का कहना है कि डॉलर में मजबूती आने पर बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ता है. शायद इसी के चलते चांदी में गिरावट आई.

