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दिल्ली-मुंबई नहीं तो कौन से शहर बने लोगों की नई पसंद? इंवेस्टमेंट से पहले नोट कर लें सिटीज के नाम

Property Rate in Tier-2 Cities: मेट्रो शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों, प्रदूषण और बढ़ती भीड़ की वजह से लोग टियर-2 शहरों में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. आइये इसके पीछे के 3 कारणों को जानते हैं.

Published by Sohail Rahman

Property Rates Hike News: एक समय था जब लोग बेहतर जीवन स्तर के लिए दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों में घर बनाते थे. लेकिन अब लोग अपना नजरिया बदल रहे हैं. निवेश और बेहतर जीवनशैली की तलाश में लोग मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरु जैसे महानगरों की भीड़भाड़ और आसमान छूती कीमतों को छोड़कर टियर-2 शहरों का रुख कर रहे हैं. इन उभरते शहरों में प्रीमियम घरों का निर्माण एक महत्वपूर्ण निवेश स्थल बन गया है, जो न केवल बेहतरीन रिटर्न प्रदान करता है, बल्कि महानगरों की तुलना में बेहतर जीवन स्तर भी प्रदान करता है.

किफायती कीमतें और तेज़ी से मूल्य वृद्धि

निवेशक टियर-2 शहरों (जैसे लखनऊ, कानपुर, सूरत और जयपुर) में प्रीमियम या लग्जरी प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं. अगर इन टियर-2 शहरों में 2 BHK फ्लैट की बात करें तो यहां वर्तमान समय में 2 BHK फ़्लैट की कीमत ₹50 से ₹60 लाख और 3-BHK फ्लैट ₹70 से ₹80 लाख की कीमत में उपलब्ध हैं, जबकि महानगरों में इन्हीं फ्लैट की कीमत आसमान छू रही है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में एक 2 BHK  फ्लैट खरीदने में पूरी जिंदगी गुजर जाती है. इसके अलावा, टियर-2 शहरों में कीमतों में सालाना तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है. मैजिकब्रिक्स के अनुसार, कुछ टियर-2 शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी दिल्ली से भी ज़्यादा रही है.

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क्यों टियर-2 सिटी में बस रहे लोग?

टियर-2 सिटी में बसने के पीछे की वजह दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमत आसमान छू रही है और इन बड़े शहरों में लाइफस्टाइल भी काफी महंगी हो गई है. इसके अलावा, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में प्रदूषण की स्थिति भी बद से बदतर होती जा रही है. बीमार पड़ने पर हॉस्पिटल का खर्चा उठाना भी मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, अन्य कारणों की बात करें तो-

बेहतर रिटर्न की संभावना

कम शुरुआती निवेश लागत और संपत्ति के मूल्यों में तेजी से बढ़ोतरी के कारण टियर-2 शहर लंबी अवधि के निवेश के लिए कम जोखिम पर ज्यादा रिटर्न की संभावना प्रदान करते हैं.

बुनियादी ढांचे का तेजी से हो रहा विकास

स्मार्ट सिटी मिशन, नए एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे और मेट्रो परियोजनाओं जैसी केंद्र और राज्य सरकार की पहलों ने टियर-2 शहरों के बुनियादी ढ़ांचे को बदल दिया है. सूरत, कानपुर और लखनऊ जैसे शहर तेज़ी से आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं, जिससे कनेक्टिविटी, औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है.

रोज़गार के बढ़ते अवसर

आईटी केंद्रों और नए व्यवसायों की स्थापना ने इन शहरों में रोजगार के नए-नए अवसर पैसा कर दिए हैं. स्थानीय आबादी की क्रय शक्ति में वृद्धि हुई है और बाहरी श्रमिकों को आकर्षित किया है. यह सब आवासीय और वाणिज्यिक अचल संपत्ति की मांग को बढ़ा रहा है.

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Sohail Rahman

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