Gold Rate today 21 February 2026: पिछले कई महीनों से निवेशकों की पहली पसंद बना सोना अब लोगों को झटके दे रहा है. जनवरी, 2026 के अंतिम दिनों में सोने के दामों में गिरावट का दौर शुरू हुआ, जो बजट 2026 पेश होने के बाद भी जारी रहा. सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर अब भी जारी है. सोने की कीमतों में हल्की गिरावट तो देखने को मिली, लेकिन यह अब भी लोगों की पहुंच से दूर है. बाजार के जानकारों यानी विशेषज्ञों के मुताबिक, सुरक्षित निवेश के चलते लोग फिर से सोने की तरफ रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि पिछले दिनों आई गिरावट के बाद सोने के दामों में फिर उछाल का दौर शुरू हो गया है.
कितना है सोने का दाम
बुलियन वेबसाइट के मुताबिक शनिवार (21 फरवरी 2026) को सोने-चांदी दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. शनिवार को 24 कैरेट सोना 157,380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बेचा जा रहा है. इस तरह 1 किलो 24 कैरट सोने की कीमत 15,738,000 रुपये है. वहीं, 22 कैरट सोने की बात करें तो यह 144,265 रुपये प्रति 10 ग्राम है. ऐसे में 22 कैरट सोना 14,426,500 प्रति किलो है. इसी तरह अगर चांदी की कीमत 253,230 रुपये प्रति किलो पर है.
| शहर | 24 कैरेट (प्रति ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति ग्राम) | 18 कैरेट (प्रति ग्राम) |
|---|---|---|---|
| चेन्नई | 15,730 रुपये | 14,419 रुपये | 12,349 रुपये |
| मुंबई | 15,738 रुपये | 14,426 रुपये | 11,804 रुपये |
| दिल्ली | 15,753 रुपये | 14,441 रुपये | 11,819 रुपये |
| कोलकाता | 15,738 रुपये | 14,426 रुपये | 11,804 रुपये |
| बेंगलुरु | 15,738 रुपये | 14,426 रुपये | 11,804 रुपये |
आम खरीदारों को झटका
सोने के बढ़ते दामों की वजह से शादी के सीजन में भी आम लोग इसे खरीदने से पीछे हट रहे हैं, वहीं निवेशकों में भी धीरे-धीरे डर कायम होने लगा है कि कहीं इस धातु के दाम धड़ाम से ना गिर जाएं. रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और ईरान-अमेरिका में टेंशन का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी साफ-साफ नजर आ रहा है. अनिश्चितता के दौर में निवेशकों अब भी सोना और चांदी में निवेश को सुरक्षित मान रहे हैं. यही वजह है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया.
क्यों बढ़ रहे सोने के दाम
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ऊपर से सबकुछ शांत नजर आ रहा है, लेकिन वैश्विक स्तर पर तनाव का माहौल है. यूक्रेन और रूस युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति पहले ही डील नहीं होने की सूरत में ईरान पर हमले का एलान कर चुके हैं, जिसके बाद वैश्चिक स्तर पर टेंशन कायम है. ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्ध के बीच सोना में निवेश को सुरक्षित माना जा रहा है.

