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दिवाली से पहले सस्ता या महंगा…GST दर बदलने के बाद झाड़ू और सोनपापड़ी पर कितना लगेगा टैक्स? जानिए

GST Changes Before Diwali: अक्टूबर यानी अगले महीने धनतेरस और दिवाली का त्योहार है. परिवार आमतौर पर धनतेरस पर झाड़ू और दिवाली पर सोनपापड़ी की मिठाई खरीदते हैं. इस खबर में, हम आपको बताएंगे कि आने वाले समय में झाड़ू और सोनपापड़ी की कीमतों में कितनी कमी आएगी और अब इन पर कितना टैक्स लगेगा.

Published by Ashish Rai

New GST Rates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को देशवासियों को दिवाली का तोहफा देने का वादा किया था, जिसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी परिषद की बैठक में दरों में कटौती की घोषणा की. दरों में कटौती से त्योहारी सीजन में कई आवश्यक वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी. चूंकि दरें 22 सितंबर से लागू होने वाली हैं, इसलिए इसका असर उसके बाद ही दिखाई देगा. फिलहाल, कई कंपनियों ने 22 तारीख से पहले ही अपनी कीमतें कम कर दी हैं. अक्टूबर यानी अगले महीने धनतेरस और दिवाली का त्योहार है. परिवार आमतौर पर धनतेरस पर झाड़ू और दिवाली पर सोनपापड़ी की मिठाई खरीदते हैं. इस खबर में, हम आपको बताएंगे कि आने वाले समय में झाड़ू और सोनपापड़ी की कीमतों में कितनी कमी आएगी और अब इन पर कितना टैक्स लगेगा.

झाड़ू पर अलग-अलग जीएसटी लगता है और ये दरें झाड़ू के प्रकार और ब्रांडिंग पर निर्भर करती हैं. झाड़ू पर जीएसटी की दर उनके निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री पर भी निर्भर करती है. आमतौर पर नारियल या बांस जैसे पौधों से बने फूलों के झाड़ू पर अलग दरें लगती हैं. वहीं, प्लास्टिक से बने झाड़ू को एक अलग स्लैब में रखा गया है.

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इस तरह तय होंगी झाड़ू की कीमतें

जैसा कि ऊपर बताया गया है, झाड़ू पर लगने वाला टैक्स उनकी सामग्री पर निर्भर करता है. झाड़ू का मुख्य HSN कोड 9603 है. पहले इस कोड पर 12% GST लगता था, लेकिन अब यह स्लैब खत्म होने के बाद, 22 सितंबर से इन पर 5% GST लगेगा. इसका मतलब है कि इस त्योहारी सीज़न में इस श्रेणी की झाड़ू पिछले साल के मुकाबले कम टैक्स दर के साथ सस्ती होंगी. इसके अलावा, खास सामग्री से बनी झाड़ू पर पहले दो स्लैब में टैक्स लगता था: 12% और 18%. हालाँकि, नए स्लैब में सरकार ने इन झाड़ूओं को 5% वाले स्लैब में रखा है. 22 सितंबर के बाद इनकी कीमतें भी कम हो जाएँगी.

सोनपापड़ी पर कितना लगेगा टैक्स?

56वीं GST परिषद की बैठक में सरकार ने 12% और 28% वाले टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया. नतीजतन, 99% ज़रूरी सामान अब 5% वाले स्लैब में आ गए हैं. वित्त मंत्री ने मिठाइयों को भी विशेष छूट दी है. भारतीय मिठाइयाँ, चीनी कन्फेक्शनरी, जैम, जेली आदि पर अब 5% कर लगेगा। पहले इन पर 18% कर लगता था. अन्य लोकप्रिय भारतीय मिठाइयों को भी 5% कर स्लैब में रखा गया है. सोनपापड़ी के बारे में अभी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं. हालाँकि, माना जा रहा है कि 22 तारीख से इस पर भी 5% कर लगेगा.

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Ashish Rai
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