Bank Locker Fire: कई बार ऐसा होता है कि हमारे जरूरी डॉक्यूमेंट आग, दुर्घटना या किसी की लापरवाही की वजह से जल जाते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि कौन जिम्मेदार है और मुआवजा कैसे लिया जा सकता है. अगर आपको इसके बारे में नहीं पता है तो ये खबर आपके लिए है-
अगर आपके जरूरी डॉक्यूमेंट बैंक के लॉकर में रखें हैं और वहां आग लग गई है तो ये नुकसान बैंक की तरफ से हुआ है. ऐसे में आपको घबराने की जरूरत नहीं है, बैंक आपको 100 गुना ज्यादा का मुआवजा देगा. बस इसके लिए आपको बैंक में शिकायत करनी होगी और सबूत देने होंगे. आइए जानते हैं अन्य केस के बारे में-
अन्य आग के कारण में जिम्मेदारी किसकी होती है?
डॉक्यूमेंट जलने की स्थिति में जिम्मेदारी उस व्यक्ति या संस्था पर होती है, जिसकी लापरवाही या कार्रवाई से नुकसान हुआ.
बैंक या वित्तीय संस्थान: अगर आपके बैंक लॉकर या उनके रखे डॉक्यूमेंट (जैसे संपत्ति के कागज, एफडी रसीदें) उनकी लापरवाही से जल जाते हैं, तो बैंक जिम्मेदार होगा.
कूरियर या डाक सेवा: अगर डॉक्यूमेंट परिवहन के दौरान नष्ट हो जाते हैं, तो कूरियर कंपनी जिम्मेदार होती है. हालांकि, उनकी जिम्मेदारी उनके नियमों तक ही सीमित हो सकती है, जब तक कि गंभीर लापरवाही साबित न हो.
मकान मालिक: अगर किराये के घर में आग लगी और वो मकान मालिक की सुरक्षा की कमी (जैसे फॉल्टी वायरिंग) की वजह से हुआ, तो मकान मालिक जिम्मेदार होगा.
तीसरे पक्ष (पड़ोसी या आग लगाने वाले): अगर किसी ने जानबूझकर या लापरवाही से आग लगाई, जिससे डॉक्यूमेंट जल गए, तो वो व्यक्ति नागरिक कानून के तहत नुकसान के लिए जिम्मेदार होगा.
आप स्वयं: अगर डॉक्यूमेंट आपके घर में दुर्घटना से जलते हैं, तो ये आमतौर पर आपका नुकसान होता है. केवल तब ही मुआवजा मिलता है जब आपके पास गृह बीमा हो.
मुआवजा कितना मिल सकता है?
डॉक्यूमेंट जलने पर मुआवजा कोई तय राशि नहीं है. इसे आमतौर पर निम्न आधार पर तय किया जाता है:
पुनर्निर्माण लागत: डॉक्यूमेंट की नकल बनवाने या नए प्रमाण पत्र बनाने की लागत.
वित्तीय मूल्य: डॉक्यूमेंट की वास्तविक कीमत (जैसे बॉन्ड, सिक्योरिटीज).
परिणामी नुकसान: डॉक्यूमेंट खो जाने से हुए सीधे वित्तीय नुकसान.
बीमा सीमा: अगर घर या किराए का बीमा है, तो मुआवजा पॉलिसी की सीमा तक ही मिलेगा.
नोट: कूरियर मामलों में जिम्मेदारी आम तौर पर बहुत कम होती है (भारत में कभी-कभी ₹100 तक) जब तक कि अतिरिक्त बीमा न लिया गया हो.
मुआवजा पाने के कदम
1. एफआईआर दर्ज करें: नुकसान होते ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएं. ये कानूनी सबूत के लिए जरूरी है.
2. सबूत इकट्ठा करें: आग और नुकसान का फोटो, वीडियो या अन्य सबूत लें.
3. अधिकारियों को सूचित करें: संबंधित विभाग (बैंक, स्कूल, रजिस्ट्री) को सूचित करें ताकि डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल रोका जा सके और नकल प्रक्रिया शुरू हो.
4. कानूनी नोटिस भेजें: अगर बैंक या तीसरा पक्ष जिम्मेदार है, तो नुकसान के लिए कानूनी नोटिस भेजें.
5. उपभोक्ता शिकायत / नागरिक मामला: अगर मुआवजा नहीं मिलता, तो उपभोक्ता अदालत में या नागरिक अदालत में केस दर्ज करें.

