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Sonpur Mela Dark Truth: सोनपुर मेले का काला सच! ऑर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग बच्चियों से करवाया घिनौना काम, प्राइवेट पार्ट्स…

Sonpur Mela का काला सच उजागर! दूसरे राज्यों और नेपाल से लाकर नाबालिग लड़कियों को डर्टी थिएटर में अश्लील डांस के लिए मजबूर किया, जहां भीड़ के सामने उनके प्राइवेट पार्ट्स दिखाने को कहा जाता. पुलिस और NGO की कार्रवाई में 5 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया. पढ़िए सोनपुर मेले की डार्क रियलिटी.

Published by Shivani Singh

Sonpur Mela: सोनपुर देश नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है. इसका इतिहास बहुत बड़ा रहा है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन से शुरू होने वाले इस एशिया के सबसे बड़े पशु मेले की चकाचौंध के पीछे क्या एक शर्मनाक सच छिपा है? क्या सच में बिहार के सोनपुर मेले में नाबालिग लड़कियों को नौकरी का लालच देकर लाया जाता है? जहां उनसे कपड़े उतरवाकर गंदे काम कराने पर मजबूर किया जाता है और विरोध करने पर टॉर्चर किया जाता है? क्या यहां मनोरंजन के नाम पर मासूम बच्चियों की जिंदगी नर्क बना दी जाती है. पुलिस और NGO की संयुक्त कार्रवाई में 5 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है, जिसने इस डर्टी थिएटर का काला सच उजागर कर दिया है आइए, जानते हैं सोनपुर मेले के इस शर्मनाक सच की पूरी कहानी…

प्राइवेट पार्ट्स दिखाने को किया जाता है मजबूर

दरअसल भास्कर की एक ख़ास रिपोर्ट में उन लड़कियों ने अपनी आपबीती बतायी है जिसे सुनकर आपका भी कलेजा दहल उठेगा. एक राजस्थान की 17 वर्षीय पीड़ित लड़की ने बताया ”  मेरे पीरियड्स चल रहे थे. मेरा शरीर दर्द से कराह रहा था. फिर भी, वे मुझसे डांस करने के लिए कहते थे। वे कहते थे, “अपने कपड़े उतारो और अपने प्राइवेट पार्ट्स दिखाओ.” मुझे भीड़ के सामने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया जाता था. अगर मैं मना करती, तो मुझे टॉर्चर किया जाता. बदले में मुझे हज़ार रुपये मिलते थे. मैंने पहले कभी डांस नहीं किया था. यहां, मुझे भीड़ के सामने छोटे कपड़े पहनाकर डांस करने के लिए मजबूर किया गया. मैंने वही किया जो थिएटर मालिक चाहता था. एक दीदी मुझे यहां लाई थी. उसने मुझे वेटर का काम करने के लिए कहा था. मैंने उसकी बात मानकर यहाँ आकर गलती की.

वेटर के काम के बहाने बुलाया गया था

मेरी छोटी बहन को भी मेरे साथ बचाया गया था. एक महीने पहले, हमें वेटर का काम करने के बहाने बिहार लाया गया था. मैं अपनी बहन के साथ पटना आई. उसके बाद, हमें सोनपुर ले जाया गया. वहाँ पहुँचने पर, हमें पता चला कि एजेंट ने हमें धोखा दिया था. हम दोनों बहनों को एक मेले में एक थिएटर में भेजा गया था. हम वहाँ लगभग 20 दिन रहे. हमें बहुत गंदा लगा. थिएटर मालिक छोटे कपड़े पहनने पर ज़ोर देता था. अगर हम घर जाने के लिए कहते, तो हमें धमकाया जाता था.

‘लोग कपड़ों के अंदर हाथ डालते थे’

पीड़ित लड़की आगे बताती है ‘स्टेज के सामने लोग हमें गंदी नज़रों से देखते थे. वे हमारे कपड़ों के अंदर हाथ डालते थे. जब हम शिकायत करते थे, तो कोई नहीं सुनता था. हमसे कहा जाता था कि जितना हो सके अपने शरीर को दिखाओ.

हजार रूपये के लिए मांस नोचने के लिए फेंक देते

जब हमने मना किया, तो उन्होंने हमें टॉर्चर किया. अगर पुलिस नहीं आई होती, तो मुझे नहीं पता कि हम उस गंदगी से कब और कैसे बच पाते. थिएटर मालिक भीड़ के सामने हमारा मांस नोचने के लिए फेंक देते हैं. वे पैसे के लिए कुछ भी कर सकते हैं। हज़ार रुपये के लिए हमारे शरीर से खेला जा रहा था. बदले में, थिएटर मालिक बहुत पैसा कमा रहे थे. मुझे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि मुझे यह सब करने के लिए थिएटर ले जाया जा रहा है. मुझसे कहा गया था कि मैं लेडीज़ वेटर का काम करूँगी.

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कुछ भी करने के लिए मजबूर किया गया

मुझे धोखे से वहाँ ले जाया गया. वहां से निकलना बहुत मुश्किल है. हमें थिएटर स्टाफ़ से बांध दिया गया था. एजेंट मुझे काम के लिए लाया था, लेकिन मुझसे इतने गंदे काम करवाए कि मैं बता भी नहीं सकती. मुझे भीड़ के सामने छोटे-छोटे कपड़ों में खड़ा करके डांस करने के लिए कहा गया. मुझे ऐसे कपड़ों में भीड़ के सामने जाने में शर्म आ रही थी, लेकिन मुझे अंदर धकेल दिया गया। एक बार स्टेज पर आने के बाद, मुझे थिएटर मालिकों की मर्ज़ी के मुताबिक कुछ भी करने के लिए मजबूर किया गया. लोग इसकी मांग करते, गंदे इशारे करते, और मेरे प्राइवेट पार्ट्स दिखाने के लिए कहते. मुझे स्टेज पर अंदर नहीं जाने दिया गया.

पुलिस के छापे ने लड़की को दी नई जिंदगी

जब भीड़ अश्लील भोजपुरी गानों से उत्तेजित हो जाती, तो वे अश्लील हरकतें करने लगते। मुझे सब कुछ देखना और सहना पड़ता था. मैं एक नेपाली लड़की हूँ, और मुझे अश्लील भोजपुरी गानों पर नाचना पसंद नहीं था. लेकिन मैं थिएटर में फंस गई थी, और बाहर निकलना मुश्किल था। जब पुलिस ने छापा मारा, तो मुझे लगा जैसे मुझे नई ज़िंदगी मिल गई हो. मुझे नौकरी का लालच देकर बिहार लाया गया था. जब मैं पहुँची, तो पता चला कि मुझे वेटर के भेष में डांसर बनाया जा रहा है.. विरोध का कोई असर नहीं हुआ. मुझसे वही काम करवाया गया जो लड़कियाँ पहले से ही वहाँ कर रही थीं. ज़्यादातर लड़कियाँ थिएटर की आदी थीं. वे अपने मूव्स दिखाकर मालिक को खुश करती थीं.

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अपने कपड़े उतार दो और अपने प्राइवेट पार्ट्स दिखाओ

मैं शर्मीली थी, इसलिए मैं ऐसा नहीं कर सकी. मुझसे कहा गया कि स्टेज पर नाचते समय अपने कपड़े उतार दो और अपने प्राइवेट पार्ट्स दिखाओ. इससे भीड़ बढ़ जाती. अगर भीड़ बढ़ती, तो मुझे ज़्यादा पैसे देने का लालच दिया जाता. मुझे एक हज़ार रुपये दिए गए और पूरी रात अश्लील भोजपुरी गानों पर नाचने के लिए कहा गया. ज़्यादातर लड़कियाँ यही करती थीं. वे इस काम में पूरी तरह डूबी हुई थीं. थिएटर मालिक जो चाहते थे, वे वही करती थीं. कस्टमर के सामने कपड़े उतारना आम बात है.

इस दुनिया में मेरा कोई नहीं है

मैं राजस्थान से आई थी और बिहार में फँस गई. इस दुनिया में मेरा कोई नहीं है. मेरे माता-पिता मर चुके हैं. रिश्तेदारों को भी कोई फ़र्क नहीं पड़ता. पड़ोस वाली बहन ने कहा कि बिहार में वेटर की नौकरी है. अगर तुम काम करोगी, तो अच्छे पैसे कमाओगी. तुम्हारी ज़िंदगी पूरी तरह सेट हो जाएगी. मैं उसकी चाल समझ नहीं पाई. उसने मुझे बिहार बुला लिया और सोनपुर मेले में ले गई. मैंने पहले कभी डांस नहीं किया था, लेकिन यहाँ मुझे गंदे गानों पर डांस करने के लिए मजबूर किया गया. मुझे कस्टमर के सामने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया.

अगर मैं मना करती, तो मुझे टॉर्चर किया जाता। हज़ार रुपये देने के बाद भी मुझ पर दबाव डाला जाता कि वे जो भी कहें, वह करो. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता था कि हमारा शरीर कैसा है या हम डांस करने की हालत में हैं या नहीं।

वे बस गंदे गाने बजाते थे और गंदे इशारों से हमें उन पर डांस करने के लिए कहते थे. हर दिन, मुझे भीड़ के सामने कपड़े उतारकर और प्राइवेट पार्ट दिखाकर डांस करने के लिए मजबूर किया जाता था.

इन राज्यों की लड़कियों को किया गया रेस्क्यू

इस खुलासे के बाद, प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. जिसके बाद सारण एसपी कुमार आशीष के साथ मिलकर मेले के सभी थिएटरों में छापेमारी की. पुलिस और NGO की तुरंत कार्रवाई से गुलाब विकास और न्यू गुलाब विकास थिएटरों से पांच नाबालिग लड़कियों को बचाया गया. ये लड़कियां राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बंगाल, मध्य प्रदेश और नेपाल की हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. यह पहली बार है जब पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने मेले के दौरान किसी थिएटर में छापा मारकर नाबालिग लड़कियों को बरामद किया है.

5 नाबालिग लड़कियों को बचाया गया

पुलिस ने सबसे पहले गजग्रह चौक पर न्यू गुलाब विकास थिएटर पर छापा मारा, जहां से 16 और 17 साल की दो नाबालिग लड़कियां बरामद हुईं. दूसरी छापेमारी गुलाब विकास थिएटर पर की गई, जहां से तीन नाबालिग लड़कियां बरामद हुईं। लड़कियों को डिस्ट्रिक्ट विमेंस सेफ्टी यूनिट में रखा गया है.

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