Nitish Kumar’s resignation: बिहार में मंगलवार, 14 अप्रैल को एक नए राजनीतिक दौर की शुरूआत होने जा रही है. लंबे समय तक बिहार पर राज करने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं. बिहार में अब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की सरकार बनने जा रही है. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख नीतीश कुमार ने बीते सप्ताह राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ली थी. आज कैबिनेट की बैठक के बाद वह इस्तीफा सौंप सकते हैं.
अंतिम कैबिनेट मीटिंग
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अंतिम कैबिनेट मीटिंग पर बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा, “जिस प्रकार से उन्होंने बिहार में आर्थिक और सामाजिक बदलाव को लीड किया है. बिहार में व्यापक स्तर पर बदलाव आया है. आगे भी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बिहार में सरकार चलती रहेगी और राज्यसभा से भी मुख्यमंत्री बिहार के विकास में अपना योगदान देते रहेंगे. बिहार से जुड़े जो भी मुद्दे हैं वो उठाते रहेंगे.”
बिहार में बनेगी नई सरकार
बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है. पार्टी अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करने वाली है. जिसके लिए 3 बजे भाजपा कार्यलय में बैठक प्रस्तावित की गई है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस प्रक्रिया के लिए पटना पहुंचने वाले हैं. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जदयू के 85, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19 और हिंदुस्तान आवामी मोर्चा के 5 विधायक शामिल हैं. इन दलों का नेतृत्व चिराग पासवान और जीतन राम मांझी करते हैं. इसके साथ ही राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पांच विधायक भी इसी गठबंधन का अहम हिस्सा हैं. बैठक के बाद नई सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के पास पेश किया जाएगा.
कौन होगा बिहार का मुख्यमंत्री?
बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुना जा सकता है. वह पार्टी के प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष हैं और गृह विभाग भी संभाल रहे हैं. हालांकि, सुत्रों के मुताबिक, भाजपा चौंकाने वाला फैसला भी ले सकती है. क्योंकि पहले राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश में ऐसा देखा जा चुका है. मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी बिहार में नीतीश कुमार का प्रभाव देखने को मिलता रहेगा. अब लोगों की नजर बिहार के अगले मुख्यमंत्री चेहरे पर है.

