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Shani Dev remedies: हिंदू धर्म में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. आमतौर पर लोग शनि का नाम सुनते ही डर जाते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव केवल बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं, जबकि अच्छे कर्म करने वालों को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं. यदि आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष चल रहा है, तो शनिवार के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय आपकी परेशानियों को कम कर सकते हैं.
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने का महत्व
शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है. दीपक जलाते समय “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए. मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में सभी देवी-देवताओं का वास होता है और शनि देव भी इससे प्रसन्न होते हैं. दीपक जलाने के बाद पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं.
छाया दान से दूर होता है शनि दोष
शनि दोष को कम करने के लिए छाया दान एक प्रभावी उपाय माना गया है. इसके लिए लोहे या मिट्टी के पात्र में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या शनि मंदिर में अर्पित करें. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और शनि के अशुभ प्रभाव से राहत मिलने की मान्यता है. धार्मिक कथाओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा करने वालों को शनि देव परेशान नहीं करते. शनिवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना बेहद लाभकारी माना जाता है. इससे शनि की वक्र दृष्टि शांत होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है.
पशु-पक्षियों की सेवा से प्रसन्न होते हैं शनि देव
शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलाना शुभ माना जाता है. इसके अलावा, पक्षियों को सात प्रकार के अनाज खिलाने से भी पुण्य मिलता है. शनि देव न्यायप्रिय हैं और बेजुबान जीवों की सेवा करने वालों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं. शनि देव को प्रसन्न करने के लिए जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे प्रभावी उपायों में से एक है. शनिवार को काले तिल, काली उड़द, काला छाता, कंबल या जूते दान करना शुभ माना जाता है.
शनिवार को क्या न करें
- शनिवार के दिन लोहा, नमक, सरसों का तेल और लकड़ी खरीदने से बचें
- इस दिन मांस और शराब जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन न करें
- किसी के साथ भी बुरा व्यवहार करने से बचें