Type 2 Diabetes: डायबिटीज के मरीज आमतौर पर अपने ब्लड शुगर लेवल पर ही ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन अब उन्हें एक और बड़े खतरे से सावधान रहने की जरूरत है. नई रिसर्च में सामने आया है कि टाइप-2 डायबिटीज के कई मरीजों में लिवर से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. एसएसजी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज द्वारा की गई स्टडी ने यह संकेत दिया है कि कई मरीजों को बिना किसी लक्षण के लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस का खतरा हो सकता है.
स्टडी में क्या सामने आया
यह रिसर्च द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित हुई है, जिसमें बताया गया कि टाइप-2 डायबिटीज के हर 4 में से 1 मरीज को लिवर फाइब्रोसिस की समस्या हो सकती है. वहीं हर 20 में से 1 मरीज में लिवर सिरोसिस का खतरा पाया गया, वो भी बिना किसी स्पष्ट लक्षण के.
जांच में सामने आई गंभीर सच्चाई
स्टडी में उन मरीजों को शामिल किया गया था जिनमें लिवर बीमारी के कोई बाहरी लक्षण नहीं दिख रहे थे. जब फाइब्रोस्कैन टेस्ट किया गया तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए. कई मरीजों के लिवर में फैट जमा था और कुछ में लिवर टिश्यूज सख्त हो चुके थे, जिसे फाइब्रोसिस की श्रेणी में रखा जाता है.