Home > क्रिकेट > IPL 2026 में टेक्नोलॉजी का जलवा, Hawk-Eye और UltraEdge से बढ़ेगा रोमांच; यहां समझें

IPL 2026 में टेक्नोलॉजी का जलवा, Hawk-Eye और UltraEdge से बढ़ेगा रोमांच; यहां समझें

IPL 2026 ball tracking technology: यह एक एडवांस कंप्यूटर सिस्टम है, जिसमें स्टेडियम में लगे कई हाई-स्पीड कैमरे गेंद की हर मूवमेंट को ट्रैक करते हैं.

By: Shubahm Srivastava | Published: March 28, 2026 9:13:57 PM IST



IPL 2026 Hawk-Eye Technology: आईपीएल 2026 की शुरुआत के साथ ही क्रिकेट फैंस एक बार फिर हाई-वोल्टेज मुकाबलों का आगाज हो गया है. जहां मैदान पर बल्लेबाजों के छक्के और गेंदबाजों की रफ्तार रोमांच बढ़ाएगी, वहीं आधुनिक तकनीक इस खेल को और ज्यादा निष्पक्ष और दिलचस्प बना रही है. खासकर करीबी फैसलों में अब सिर्फ अंपायर की नजर नहीं, बल्कि एडवांस टेक्नोलॉजी भी अहम भूमिका निभा रही है.

हॉक-आई टेक्नोलॉजी

हॉक-आई आज क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद तकनीकों में से एक बन चुकी है. यह एक एडवांस कंप्यूटर सिस्टम है, जिसमें स्टेडियम में लगे कई हाई-स्पीड कैमरे गेंद की हर मूवमेंट को ट्रैक करते हैं. इसके बाद यह सिस्टम गेंद की 3D ट्रैजेक्टरी तैयार करता है और यह दिखाता है कि गेंद स्टंप्स पर लगती या नहीं.

LBW जैसे फैसलों में हॉक-आई बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है. थर्ड अंपायर को इससे साफ और सटीक विजुअल्स मिलते हैं, जिससे फैसले पहले से ज्यादा सही और पारदर्शी हो गए हैं.

अल्ट्राएज/स्निकोमीटर टेक्नोलॉजी

जब यह तय करना मुश्किल होता है कि गेंद बैट से लगी है या नहीं, तब अल्ट्राएज या स्निकोमीटर काम आता है. यह टेक्नोलॉजी ऑडियो सेंसर और हाई-स्पीड कैमरों का इस्तेमाल करती है. जैसे ही गेंद बैट या पैड को छूती है, स्क्रीन पर एक छोटा सा स्पाइक दिखाई देता है. इससे अंपायर को साफ संकेत मिल जाता है कि एज लगा है या नहीं. खासकर कैच-बिहाइंड और LBW रिव्यू में यह तकनीक गेम-चेंजर साबित होती है.

स्टंप सेंसर्स टेक्नोलॉजी

आज के क्रिकेट में स्टंप्स भी हाई-टेक हो गए हैं. इनमें LED लाइट्स और माइक्रोचिप सेंसर लगे होते हैं. जैसे ही गेंद स्टंप से टकराती है, ये सेंसर तुरंत सिग्नल भेजते हैं. इससे थर्ड अंपायर और ब्रॉडकास्ट टीम को रियल टाइम में जानकारी मिलती है. बोल्ड और रन-आउट जैसे फैसलों में अब न देरी होती है और न ही भ्रम की स्थिति बनती है.

टेक्नोलॉजी से बदलता क्रिकेट का भविष्य

आधुनिक तकनीकों ने क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया है. अब फैसलों में पारदर्शिता बढ़ी है और गलतियों की गुंजाइश कम हुई है. IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में ये तकनीक न सिर्फ खेल को फेयर बनाती है, बल्कि दर्शकों के अनुभव को भी और ज्यादा रोमांचक बनाती है. आने वाले समय में टेक्नोलॉजी की भूमिका और भी बड़ी होने वाली है.

IPL 2026: सिर्फ डांस नहीं, बोनस भी! जानें आईपीएल चीयरलीडर्स की सैलरी और एक्स्ट्रा कमाई का पूरा हिसाब

Advertisement