Sri Siddhartha Institute of Medical Sciences Controversy: यह घटना केवल एक निजी विवाद नहीं, बल्कि पेशेवर नैतिकता (Professional Ethics) और सत्ता के दुरुपयोग (Power Dynamics) का एक गंभीर मामला है, एक 50 वर्षीय प्रोफेसर से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी उम्र और पद की गरिमा बनाए रखे, यदि 19 साल की छात्रा जो कि एक टीनेजर है किसी भ्रमवश ऐसा कुछ करती भी, तो प्रोफेसर की जिम्मेदारी उसे समझाने या डीन को सूचित करने की थी, ना कि लाइव क्लास में उसका जवाब देने की, क्लासरूम ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए होता है, ना कि निजी भावनाओं के प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक रूप से प्रपोज करना छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उसे दबाव में लाने की एक सोची-समझी कोशिश लगती है, खुद को बचाने के लिए छात्रा पर ही आरोप मढ़ना कि “उसने पहले शुरू किया,” यह अपराधियों की पुरानी रणनीति है ताकि पीड़िता को ही कटघरे में खड़ा किया जा सके, सोशल मीडिया पर ‘Psycho’ और ‘Pervert’ जैसे शब्दों के साथ प्रोफेसर के खिलाफ गुस्से की लहर है, मांग की जा रही है कि कॉलेज प्रशासन और पुलिस इस पर कड़ी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई दूसरा शिक्षक ऐसी हिम्मत ना कर सके.
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