Khushbu Pandey Hate Speech Mosque 2026: यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) और वर्तमान भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर कानूनी उल्लंघन की श्रेणी में आता है, किसी भी धर्म की इबादतगाह को ‘शौचालय’ बताना सीधे तौर पर धारा 295A (IPC) अब BNS की संबंधित धारा का उल्लंघन है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए दंडित करती है, ‘मुल्ला मुक्त’ जैसे अभियान चलाना समुदायों के बीच नफरत और वैमनस्य को बढ़ावा देता है, जो धारा 153A के तहत दंडनीय अपराध है, बिहार पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे बयान देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई सामाजिक ताने-बाने को नुकसान ना पहुंचा सके, भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां हर नागरिक को अपने धर्म को मानने और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है, इस तरह के बयान संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं, यह स्थिति मांग करती है कि प्रशासन बिना किसी भेदभाव के त्वरित कार्रवाई करे ताकि प्रदेश में शांति और कानून का राज कायम रहे.
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