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Vinod Kambli Downfall Story: विनोद कांबली की क्रिकेट के बाद की ज़िंदगी उतार-चढ़ाव, संघर्ष और स्वास्थ्य की गंभीर चुनौतियों से भरी रही है. कभी करोड़ों कमाने वाले और टीम इंडिया के सबसे होनहार बल्लेबाजों में गिने जाने वाले कांबली आज कई स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक दबावों से घिरे दिखाई देते हैं. देर 2024 में गंभीर यूरिनरी इन्फेक्शन, ऐंठन और संभावित ब्रेन क्लॉट जैसी जटिल स्थितियों के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिससे लोगों में चिंता और बढ़ गई.
पहले हार्ट अटैक, फिर एंजियोप्लास्टी
यह पहली बार नहीं था जब उनका स्वास्थ्य संकट में आया—2013 में उन्हें हार्ट अटैक हुआ था और 2012 में बंद धमनियों के लिए एंजियोप्लास्टी की गई थी, जो लंबे समय से जारी कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं को संकेतित करता है. वायरल वीडियो में उनकी शारीरिक कमज़ोरी और चलने में कठिनाई ने यह साफ कर दिया कि स्वास्थ्य उनके लिए लगातार एक लड़ाई बन चुका है. क्रिकेट से दूर होने के बाद आर्थिक परिस्थितियाँ भी बुरी तरह बिगड़ीं; एक समय की शानो-शौकत की जगह अब रिपोर्ट्स के मुताबिक वे छोटे खर्चों के लिए भी संघर्ष करते हैं और BCCI की पेंशन पर निर्भर हैं.
विवाद, अस्थिरता और आर्थिक संकटों
कांबली ने खुले तौर पर यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने लत से जूझा, कई बार रिहैब गए और निजी समस्याओं ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया. विवादों, अस्थिरता और आर्थिक संकटों के बीच उन्हें कभी-कभी अपने करीबी और क्रिकेट जगत से समर्थन भी मिला—खासतौर पर सुनील गावस्कर तथा बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर, जिन्होंने मुश्किल समय में उनसे मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया.
सचिन के ‘जिगरी यार’
यह सब बेहद विरोधाभासी लगता है जब उनकी शुरुआती करियर को याद किया जाए—वह दौर जब वे टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतक ठोकते थे, रिकॉर्ड बनाते थे और सचिन के ‘जिगरी यार’ के रूप में भारत के भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद माने जाते थे. लेकिन फॉर्म में गिरावट, निजी मुद्दे, फिटनेस की कमी और मौके गंवाने ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया और कभी चमकते सितारे का करियर देखते ही देखते मंद पड़ गया.