Viral Blinkit News: दिल्ली की रहने वाली मोनिका जसूजा ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा एक्सपीरिएंस शेयर किया, जिसने कई लोगों को इमोश्नल कर दिया. उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 की एक ठंडी रात उनकी मां अस्पताल में भर्ती थीं. इमरजेंसी की स्थिति थी और उन्हें तुरंत इंश्योरेंस से जुड़े कुछ जरूरी कागजों की प्रिंट कॉपी चाहिए थी.
मोनिका ने देर रात अस्पताल के लिए प्रिंटआउट ऑर्डर किए. उस वक्त वो मानसिक तनाव में थीं और जल्दी से कागज लेकर इमरजेंसी वार्ड लौटना चाहती थीं. इसी दौरान डिलीवरी पार्टनर वहां पहुंचा.
डिलीवरी के साथ मिला अपनापन
डिलीवरी देने आए युवक ने सिर्फ कागज थमाकर जाने की बजाय मोनिका की हालत को महसूस किया. उसने उनसे पूछा कि अस्पताल में कौन भर्ती है और क्या उन्हें किसी और मदद की जरूरत है. ये सवाल फॉरमल नहीं, बल्कि सच्ची चिंता से भरा हुआ था.
मोनिका ने बताया कि उस वक्त वो इतनी परेशान थीं कि ठीक से जवाब भी नहीं दे पाईं. लेकिन उस अनजान व्यक्ति का व्यवहार उनके दिल को छू गया. आज भी जब वो उस अस्पताल के पास से गुजरती हैं, तो उन्हें वो पल याद आ जाता है और वे मन ही मन उस डिलीवरी पार्टनर को दुआ देती हैं.
I’ve felt this too. And it stays with you.
In late December 2024, late at night in biting cold, I ordered printouts of my mother’s insurance policy to be delivered to a hospital.
When the Blinkit rider arrived, he asked me to step outside where I already was, near a tea stall.… https://t.co/WZW1j7qsxL
— Monica Jasuja (@jasuja) January 10, 2026
याद बन गया इंसानियत का सबक
इस एक्सपीरिएंस के बाद मोनिका के लिए वो सेवा सिर्फ एक सुविधा नहीं रही, बल्कि इंसानियत की याद बन गई. उन्होंने लिखा कि अब जब भी कहीं और कभी भी प्रिंटआउट की जरूरत होती है, तो उन्हें वही घटना याद आती है.
मोनिका की ये पोस्ट 10 जनवरी को साझा की गई थी और कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच गई. हजारों लोगों ने इसे पसंद किया और कई यूजर्स ने इस पर टिप्पणी की. एक यूजर ने लिखा कि इंसानों की यही अच्छाई उन्हें मशीनों से अलग बनाती है. दूसरे ने कहा कि कभी-कभी छोटी सी मदद किसी के लिए बहुत बड़ी राहत बन जाती है. वहीं एक और यूजर ने लिखा कि दुनिया को ऐसी ही दयालुता की जरूरत है.
एक साधारण इंसान की सोच
ये घटना दिखाती है कि मुश्किल समय में कही गई एक साधारण सी बात भी किसी के दिल में हमेशा के लिए जगह बना सकती है. मोनिका का एक्सपीरिएंस इस बात की याद दिलाता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है, बस उसे महसूस करने वाली नजर चाहिए.