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अब अमेरिका जाने या लौटने पर हर यात्री की ली जाएगी फोटो! जल्द शुरू होगा नया सिस्टम

America news: अमेरिका देश में प्रवेश करने और देश छोड़ने वाले विदेशी नागरिकों के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) अपनी बायोमेट्रिक ट्रैकिंग प्रणाली का दायरा बढ़ा रहा है.

Published by Mohammad Nematullah

US Biometric Tracking: अगर आप अमेरिका की यात्रा करने या वहां से लौटने की प्लान बना रहें है. तो कुछ नए नियम से अवगत  होना जरूरी है. US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने अपनी बायोमेट्रिक निगरानी प्रणाली के एक बड़े विस्तार की घोषणा की है.

अमेरिक की सरकार ने एक नए नियम की घोषणा की है. जिसके तहत अब अमेरिका में जाने के लिए सभी गैर-अमेरिकी नागरिकों की फोटो लिया जायेगा. उन्हें फेशयल रिक एक फेशियल रिकग्निशन डेटाबेस में संग्रहीत किया जाएगा. यह प्रक्रिया एयरपोर्ट, बंदरगाहों और भूमि सीमाओं पर लागू किया जायेंगा. एजेंसी के अनुसार जल्द ही एक एकीकृत बायोमेट्रिक प्रवेश निकास प्रणाली लागू  की जायगी. जो देश में देश में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिक के बायोमेट्रिक डेटा की तुलना उनके प्रस्थान पर एकत्र किया गया है. डेटा से किया है.

यह कदम क्यों उठाया गया

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अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों, जाली यात्रा दस्तावेजों, वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकने और बिना कानूनी अनुमति या पैरोल के देश में मौजूद विदेशी नागरिकों की समस्याओं से निपटने के लिए यह कदम उठाया है. अब तक यूएस यूएस बॉर्डर पेट्रोल (CBP) अमेरिका में प्रवेश करने पर कुछ विदेशी नागरिकों से बायोमेट्रिक डेटा एकत्र करता रहा है. लेकिन नए नियम से इस प्रक्रिया का विस्तार होगा. एजेंसी के अनुसार इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद 14 साल से कम उम्र के बच्चों और 79 साल से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों के लिए फ़ोटोग्राफ़ी प्रक्रिया से मौजूदा छूट समाप्त हो जाएगी.

नियम किस पर लागू होगा

यह नियम सभी गैर अमेरिका के नागरिको पर लागू किया जायेगा. चाहे वे अप्रवासी हों, वैध स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) हों या देश में अवैध रूप से रह रहे हों। इस नियम के तहत, सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) को प्रवेश या निकास पर चेहरे की पहचान के लिए इन व्यक्तियों की अनिवार्य रूप से फ़ोटोग्राफ़ी करने का अधिकार होगा. नियामक दस्तावेज के अनुसार, यह नियम 27 अक्टूबर को संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद प्रभावी होगा. इससे पहले नवंबर 2020 में इसी तरह के एक प्रस्ताव का नागरिक अधिकार संगठनों ने विरोध किया था.

Mohammad Nematullah
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