Iran Conflict: ईरान में बढ़ती महंगाई के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है. इसे लेकर वहां की जनता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है. देश की राजधानी तेहरान समेत कई राज्यों में इस्लामिक शासन से मुक्ति के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी ‘मुल्लाओं को छोड़ना होगा देश’ जैसे नारे तक लगा रहे हैं.
35 लोगों की गिरफ्तारी
ईरान की मौजूदा सरकार ने इस प्रदर्शन को राजनीतिक जनआंदोलन मानने से साफतौर पर इंकार कर दिया है. साथ ही इसे विदेशी साजिश करार दिया है. खानमेई के नेतृत्व वाले शासन की तरफ से इस विद्रोह को बलपूर्वक दबाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. अयातुल्ला अली खामेनेई ने दो दिन पहले चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ‘दंगाइयों को उनकी जगह दिखाएंगे’. न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि ईरान ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में मरने वालों की संख्या 35 के करीब पहुंच चुकी है. 1200 से अधिक लोगों को जेल में बंद कर दिया गया है.
250 से अधिक स्थानों पर हो रहा प्रदर्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 प्रदर्शनकारी, 4 बच्चे और 2 जवान मारे गए हैं. ईरान में 250 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन किए गए हैं. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने यह आंकड़ा जारी किया है. अपनी रिपोर्टिंग के लिए ईरान के भीतर सक्रिय कार्यकर्ताओं के नेटवर्क पर निर्भर करता है. ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स की करीबी समाचार एजेंसी फार्स (Fars) ने सोमवार रिपोर्ट में जानकारी दी कि प्रदर्शनों में लगभग 250 पुलिस अधिकारी और फोर्स के 45 सदस्य घायल हुए हैं.
विरोधी प्रदर्शनों में बढ़ती मौतें
ईरान में इस्लामिक शासन विरोधी प्रदर्शनों में बढ़ती मौतें अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना लगातार बढ़ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी जारी की आगर तेहरान ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिंसक हत्याएं करता है. तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप हस्तक्षेप करेंगे या नहीं, उनकी टिप्पणियों ने तुरंत ही तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया. ईरानी अधिकारियों ने मध्य पूर्व में अमेरिका की सेना को निशाना बनाने की धमकी भी दे दी है. अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलय मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद इनका महत्व और भी बढ़ गया है.
ईरान की आर्थिक स्थिति बिगड़ी
यह साल 2022 के बाद से ईरान में सबसे बड़े और व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी है. जब पुलिस हिरासत में 22 साल महसा अमिनी की मौत ने प्रदर्शनों को जन्म दिया था. अमिनी को हिजाब और सिर पर स्कार्फ नहीं पहनने के कारण हिरासत में लिया गया था. हाल ही में, ईरान को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के कई दौरों का सामना करना पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कड़े होने और इजरायल के साथ 12 दिनों के युद्ध के बाद ईरान की आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण दिसंबर में उसकी मुद्रा रियाल गिरकर 1 डॉलर के मुकाबले 14 लाख रियाल पहुंच गया. इसके तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया.
पत्रकारों पर लगी पाबंदियां
विरोध प्रदर्शन इतना ज्यादा व्यापक हो गया है कि इसका आकलन करना मुश्किल हो गया है. क्योंकि मीडिया अब सरकार के नियंत्रण में आ चुकी है. सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बारे में बहुत कम जानकारी सामने नहीं आ रही है. इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोगों की धुंधली या गोलियों की आवाज सुनाई दें. ईरान में पत्रकारों को रिपोर्टिंग में कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है.

