IAS Rinku Singh Rahi: उत्तर प्रदेश के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शाहजहांपुर में एसडीएम के पद पर तैनाती के पहले ही दिन उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक करते नजर आए थे। लेकिन यह उनकी पहली चर्चा नहीं है। 16 साल पहले उन पर 7 गोलियां चलाई गई थीं और उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
कौन हैं आईएएस रिंकू सिंह?
आपको जानकारी के लिए बता दें कि, रिंकू सिंह राही का जन्म 20 मई 1982 को यूपी के हाथरस में हुआ था। उनके पिता एक छोटी सी आटा चक्की चलाते थे और घर की हालत साधारण थी। रिंकू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से की और 12वीं पास करने के बाद अच्छे अंकों की बदौलत उन्हें स्कॉलरशिप मिली। इसके बाद उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट से बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के प्रति उनका जुनून यहीं नहीं रुका। बाद में उन्होंने एमए भी किया। दलित समुदाय से आने वाले रिंकू ने 2004 में यूपीपीसीएस पास किया और 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी बने। फिर 2021 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 683वीं रैंक हासिल की। इस तरह, वह 2022 बैच के आईएएस अधिकारी बन गए। वह दिव्यांग कोटे से इस पद तक पहुँचे, जो उनकी कड़ी मेहनत का एक उदाहरण है।
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रिंकू सिंह ने वकीलों के कलर्क को करवाई उठक बैठक
24 जुलाई 2025 को मथुरा से शाहजहांपुर एसडीएम बने रिंकू का पहला दिन विवादों से भरा रहा। तहसील का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वकीलों के क्लर्क विजय को खुले में पेशाब करते देखा। विजय ने गंदे शौचालय का बहाना बनाया तो रिंकू ने उनसे उठक-बैठक लगवाई। यह खबर वकीलों तक पहुँची और वे भड़क गए और धरने पर बैठ गए। तनाव बढ़ने पर रिंकू ने मंच से कहा कि मैं तहसील का सबसे बड़ा अधिकारी हूँ, अगर किसी को ठेस पहुँची हो तो मैं माफ़ी माँगता हूँ। फिर उन्होंने खुद कान पकड़कर 5 बार उठक-बैठक लगाई, जिसका वीडियो वायरल हो गया।
हो गया तबादला
इस वीडियो के वायरल होने के बाद 30 जुलाई 2025 को रिंकू को एसडीएम पद से हटाकर लखनऊ के राजस्व परिषद से अटैच कर दिया गया। सरकार ने इसे जनहित में लिया गया फैसला बताया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उठक-बैठक को गलत आचरण माना गया। रिंकू का कहना है कि मैंने नियमों का पालन करवाया और अगर कोई गलती हुई है, तो उसे स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं है।

