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महाराष्ट्र के सातारा जिले के आरे दरे गांव में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे देश की रूह को झकझोर कर रख दिया, देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत प्रमोद जाधव का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा, तो हर आंख नम थी, शहादत और मातृत्व के मिलन का सबसे भावुक क्षण तब आया जब शहीद की पत्नी और उनकी मात्र 8 घंटे पहले जन्मी नवजात बेटी को स्ट्रेचर पर उनके अंतिम दर्शन के लिए लाया गया, अपनी नन्हीं परी का चेहरा देखे बिना ही प्रमोद जाधव देश के लिए कुर्बान हो गएz, पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ इस महान योद्धा को विदाई दी गई, जिनका बलिदान इतिहास के पन्नों में सदैव अमर रहेगा.

