Artificial Intelligence (AI) जिस स्पीड से दुनिया बदल रही है, उसने कंपनियों की पूरी रणनीति ही बदल दी है. अब बिजनेस में इंसानों की जगह मशीनें लेने लगी हैं. नई रिपोर्ट बताती है कि 2026 से हर 10 में से 3 कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI से रिप्लेस करने की तैयारी में हैं. यह सर्वे AIResumeBuilder.com की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें अमेरिका के 1,250 बिजनेस लीडर्स ने हिस्सा लिया. यह रिपोर्ट बताती है कि आने वाला वक्त नौकरियों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
AI की वजह से बढ़ेगी बेरोजगारी की लहर
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में ही 21% कंपनियों ने कुछ जॉब रोल्स को AI सिस्टम से बदल दिया है. लेकिन 2026 में यह बदलाव और बड़ा होगा — लगभग एक-तिहाई कंपनियां अब गहराई से ऑटोमेशन लागू करने जा रही हैं. आईटी, बैंकिंग, रिटेल, एनर्जी और फाइनेंशियल सेक्टर जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. कंपनियां अब efficiency, productivity और cost-cutting के लिए इंसानों के बजाय मशीनों पर भरोसा कर रही हैं.
AI से होंगे बड़े पैमाने पर Job Cuts
यह सिर्फ कुछ पदों तक सीमित नहीं रहेगा. रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन कंपनियों ने AI की वजह से छंटनी की योजना बनाई है, उनमें से 59% कंपनियां कम से कम 10% कर्मचारियों को हटाने की तैयारी कर रही हैं. वहीं 10% कंपनियां आधे कर्मचारियों तक को रिप्लेस करने पर विचार कर रही हैं. सबसे ज्यादा खतरा सॉफ्टवेयर, अकाउंटिंग, टेलीकॉम, कंसल्टिंग, मैन्युफैक्चरिंग और ह्यूमन रिसोर्स जैसे प्रोफेशनल क्षेत्रों को है. AI अब सिर्फ रूटीन काम नहीं कर रहा, बल्कि क्वालिफाइड प्रोफेशनल टास्क भी अपने हाथ में ले रहा है.
Customer Service और Clerical नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में
2026 में सबसे पहले कस्टमर सपोर्ट और सर्विस जॉब्स पर असर पड़ेगा. सर्वे के अनुसार, 54% कंपनियां इन रोल्स को AI टूल्स से रिप्लेस करने की योजना बना रही हैं. इसके बाद 49% एडमिनिस्ट्रेटिव जॉब्स और 47% आईटी टेक्निकल सपोर्ट वाले पद खतरे में हैं. चैटबॉट्स, ऑटो ईमेल रिप्लाई, मीटिंग समरी, डेटा एनालिसिस और नॉलेज मैनेजमेंट जैसे काम पहले से ही AI कर रहा है. यह ट्रेंड आगे बढ़ेगा और कई एंट्री-लेवल नौकरियों को खत्म कर सकता है.
AI के फायदे भी देख रहे हैं बिजनेस लीडर्स
हालांकि छंटनी की खबरें डराने वाली हैं, लेकिन बिजनेस लीडर्स का मानना है कि AI से टीमों की प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है. 86% लीडर्स का कहना है कि AI से उनका काम आसान और तेज हुआ है. साथ ही 17% एम्प्लॉयर्स अब कर्मचारियों से ज्यादा आउटपुट की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि उनके पास AI टूल्स हैं. AI अब हर क्षेत्र में स्पीड, एफिशिएंसी और इनोवेशन का प्रतीक बन चुका है.
AI स्किल्स सीखना अब जॉब सिक्योरिटी की चाबी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI स्किल्स सीखना अब जरूरी बन चुका है. 67% बिजनेस लीडर्स का मानना है कि जिन कर्मचारियों के पास AI नॉलेज है, उन्हें नौकरी से निकाले जाने की संभावना कम है. कंपनियां अब ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं जो AI-बेस्ड वर्कफ़्लो समझते हैं. अब यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं बल्कि कैरियर की जरूरत बन गया है.
टेक लीडर्स का संदेश – “AI सीखो, वरना पीछे रह जाओगे”
सिलिकॉन वैली के कई बड़े नाम AI सीखने की अहमियत पर जोर दे रहे हैं. Meta के AI हेड Alexandr Wang ने युवाओं से कहा है कि “AI में जल्दी उतरें, ताकि आने वाले वक़्त में पीछे न रह जाएं.” OpenAI के CEO Sam Altman का कहना है कि AI को समझना अब कंप्यूटर चलाना सीखने जितना जरूरी हो गया है. वहीं Nvidia के CEO Jensen Huang ने छात्रों से कहा — “AI सीखने के लिए दौड़ो, चलो मत.” सभी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि AI लिटरेसी ही आने वाले करियर की सबसे बड़ी ताकत होगी.

