Categories: धर्म

सावन शिवरात्रि पर इन 4 राशियों का बन रहा है ऐसा संयोग, जिसे चमक उठेगी इनकी किस्मत, भोलेनाथ की बरसेगी विषेश कृपा

Sawan Shivratri 2025: सावन हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है और सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा की जाती है। सावन की सोमवारी का वर्त नियम और श्रध्दा के साथ किया जाता है।

Published by

Sawan Shivratri 2025: सावन हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है और सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा की जाती है। सावन की सोमवारी का वर्त नियम और श्रध्दा के साथ किया जाता है। इस पूजा में भगवान शिव पर जलाभिषेक रुद्राभिषेक बिल्व पत्र चढ़ाया जाता है। यह पूरा सावन का महीना भोले भंडारी की भक्ति साधना पर समर्पित की जाती है। 

कहा जा रहा है कि इस साल सावन शिवरात्रि को कई  तरह से खास देखा जा रहा है, इस सावन  23  जुलाई को चार बहुत ही विशेष योग देखने को मिल रहे है जैसे की सर्वार्थ सिद्धि योग इस योग में सभी कार्यो में सफहलता और समपुर्दता प्रदान करने वाला माना जाता है, दूसरा योग गजकेसरी योग है , इस योग के  व्यक्ति को बुद्धिमान और आर्थिक रूप से पूर्ण माना जाता है। यह योग तभी बनता है जब गुरु और चन्द्रमा  एक ही राशी में पाए जाते है। तीसरा योग है नवपंचम राजयोग इस योग से व्यक्ति को राजयोग धन और सम्मान प्रदान करने वाला माना जाता है। चौथा योग भद्रावास योग है इससे व्यक्ति के जीवन में अनेंक प्रभाव पड़ सकता है।

आइये जानते है कौन सी राशियां है जिनकी किस्मत बदल सकती है :

वृषभ राशि

वृषभ राशि वाले आज  बुधवार के दिन  शिवलिंग पर बल्वपत्र और गुलाब जल चड़ाए इसे भोले बाबा प्रसन होंते है।इनका नए लोगो से मिलना हो सकता है आगे बढ़ने में मदद मिलेगी ,वहान का सुख मिल सकता है। इस राशि के लिए गजकेसरी योग बेहद लाभकारी रहेगा। आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

Sawan Shivratri 2025: शिवरात्रि पर बना रहा है “राज योग”, महादेव की कृपा से वृषभ, मिथुन और तुला सहीत इन राशियों पर होगी धन की…

सिंह राशि

सिंह राशि वालो के लिए ये सावन की शिवरात्रि बहुत लाभदायक रहेगी ,रिलेशनशिप के योग बन रहे है। पढाई और करियर में भी सफहलता देखने को मिल सकती है। सिंह राशि वाले पंचामृत अभिषेक करे भोलेनाथ प्रसन रहेंगे।आपकी आय में वृद्धि और पदोन्नति के योग बनेंगे। ख़र्चों में कमी आने से बैंक बैलेंस मज़बूत होगा। किसी पुराने निवेश से भी आपको फ़ायदा हो सकता है।

Related Post

मीन राशि

मीन राशि  के युवा को अधिक शुभ समाचार सुनने को मिल सकते है। भोलेशंकर जी की आत्यानत कृपा और आशीर्वाद बरसेगी आज  बुधवार के दिन 
शिव मंदिर में  शहद और चावल चड़ाए ,भोले को प्रसन करे .

तंत्र विद्या का गढ़ है भारत का ये सुंदर गांव, दूर-दूर से काले जादू सीखने आते हैं लोग

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह शिवरात्रि जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। पुराने रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। मन शांत और स्थिर रहेगा। धर्म और अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी।

Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

Published by

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026