Categories: धर्म

खप्पर योग का साया! सूर्य और मंगल की युति से इन राशियों को रहना होगा सावधान, नहीं तो भुगतने पड़ सकते हैं बुरे परिणाम!

Khappar Yog Impact: सिंह राशि में मंगल ग्रह प्रवेश करने वाले हैं, जिसके कारण खप्पर योग का निर्माण होगा। यह 'खप्पर योग' 13 अगस्त तक सक्रिय रहने वाला है। इस योग को अशुभ और उग्र माना जाता है।

Published by Preeti Rajput

Khappar Yog Impact: सावन पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस महीने में ग्रहों की स्थिति का बेहद खास महत्व होता है। सिंह राशि में जल्द मंगल प्रवेश करने जा रहा है। जिसके साथ खप्पर योग के निर्माण की शुरूआत होगी। यह योग वैदिक ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह योग 31 अगस्त तक सक्रिय रहने वाला है। 

क्या है खप्पर योग?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, खप्पर योग एक बेहद अशुभ और उग्र प्रभाव वाला योग माना जाता है। यह योग तब बनता है जब मंगल और सूर्य एक विशेष स्थिति में आते हैं। यह योग तनाव, संघर्ष, हानि का योग है। खप्पर योग का निर्माण तब होता है जब मंगल ग्रह सूर्य के नक्षत्र में प्रवेश करते है। इसके प्रभाव से विवाद, दुर्घटनाएं और रिश्तों में टकराव की स्थिति बन सकती है। 

इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

मिथुन राशि- इस राशि के जातकों को मानसिक तनाव से गुजरना पड़ सकता है। इस दौरान आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना है। रिश्तों में दरार आ सकती है साथ ही कार्यस्थल पर भी गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं। इस दौरान आपको सावधानी बरतनी चाहिए। 

कर्क राशि- खप्पर योग का प्रभाव इस राशि के जातकों पर अधिक देखने को मिलेगा। इस दौरान परिवार के सदस्यों के सात अनबन हो सकता है। जिससे मानसिक शांति प्रभावित होती हुई नजर आएगी। आर्थिक दबाव के कारण आपके आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। 

Related Post

कन्या राशि- कन्या राशि वालों को करियर और नौकरी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रमोशन या नए अवसरों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इस दौरान आपको सावधानी से काम करना होगा। इस दौरान किसी भी विवाद से बचना बेहद जरूरी होगा। 

वृश्चिक राशि- इस राशि को जातकों के लिए जमीन-जायदाद या कानूनी मामलों में मुश्किलें बढ़ सकती है। इस दौरान मानसिक तनाव बढ़ सकता है। आपको इस दौरान समस्याओं के समाधान के लिए धैर्य और संयम रखना जरूरी है। 

Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

Preeti Rajput
Published by Preeti Rajput

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026

UPSC IPS Story: कौन है IPS आकाश कुलहरि, जिन्होंने पहली बार में क्रैक किया UPSC, जानें उनकी कहानी

UPSC IPS Story: IPS आकाश कुलहरि की कहानी दिखाती है कि कमजोर शुरुआत भी सफलता…

January 30, 2026

Vishavdeep Singh Attri: कौन है मेजर विश्वदीप सिंह अत्री, जिन्हें मिला जीवन रक्षा पदक, क्या है इसकी वजह?

Indian Army Story: भारतीय सेना के मेजर विश्वदीप सिंह अत्री इन दिनों चर्चा में है.…

January 30, 2026