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Shiv Puja Niyam: शिव मंदिर से लौटकर भूलकर भी न करें ये गलती, वरना छीन जाएगा सारा सुख-चैन, घर में छा जाएगी गरीबी

भगवान भोलेनाथ के मंदिर से लाए गए प्रसाद या फूलों को आते ही किसी पवित्र स्थान पर सम्मानपूर्वक रख देना चाहिए। प्रसाद सभी लोगों में बाँट दें और स्वयं भी ग्रहण करें। साथ ही, फूलों को जल में प्रवाहित कर दें या पौधे की जड़ में रख दें।

Published by Ashish Rai

Sawan 2025 Niyam: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बहुत महत्व माना जाता है। पूजा-पाठ करने से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी भक्ति से मन और तन शुद्ध होता है। इस समय श्रावण का पवित्र महीना चल रहा है। शास्त्रों के अनुसार इस महीने भोलेनाथ अपने परिवार के साथ पृथ्वी पर विचरण करने आते हैं। यही कारण है कि इस पूरे महीने में भगवान शिव से जुड़ी कई धार्मिक यात्राएं होती हैं। लोग मंदिरों में शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और पूरे महीने महादेव का स्मरण करते हैं। श्रावण के महीने में शिव मंदिरों में भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय करते हैं। लेकिन मंदिर से लौटते समय वे ऐसी गलतियां कर देते हैं कि मंदिर जाने का सारा लाभ बर्बाद हो जाता है। ये गलतियां जीवन में कई परेशानियां लेकर आती हैं। न तो हमें पूजा का फल मिलता है और न ही भगवान का आशीर्वाद मिलता है। उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार गरुड़ पुराण, मनुस्मृति और विष्णु धर्मसूत्र जैसे ग्रंथ बताते हैं कि मंदिर से घर लौटते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

भूलकर भी न करें ये गलती

ना लाएं खाली लोटा

 भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए, कई भक्त श्रावण में प्रतिदिन भगवान को जल चढ़ाते हैं। इसके लिए लोग घर से पूजा सामग्री, प्रसाद के साथ लोटा आदि भी ले जाते हैं। मंदिर से लौटते समय कभी भी खाली लोटा नहीं लाना चाहिए। बल्कि, उसमें थोड़ा सा जल या फूल, अक्षत आदि भरकर रखें। इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि बढ़ती है। अन्यथा, खाली लोटा दरिद्रता और नकारात्मकता लाता है।

प्रसाद और फूल

भगवान भोलेनाथ के मंदिर से लाए गए प्रसाद या फूलों को आते ही किसी पवित्र स्थान पर सम्मानपूर्वक रख देना चाहिए। प्रसाद सभी लोगों में बाँट दें और स्वयं भी ग्रहण करें। साथ ही, फूलों को जल में प्रवाहित कर दें या पौधे की जड़ में रख दें। फूलों को फेंकने या प्रसाद को किसी अशुद्ध स्थान पर रखने की गलती न करें।

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लौटते ही न धोएं पैर

शिव मंदिर से लौटने के तुरंत बाद पैर नहीं धोने चाहिए। जब आप नंगे पैर मंदिर जाते हैं, तो घर आकर अपने पैर धो लें ताकि पैरों की कीचड़ धुल जाए। ज़्यादातर लोग यह गलती करते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। मंदिर से घर आने के बाद अपने पैरों को कपड़े से पोंछ लें ताकि मंदिर की कीचड़ आपके पैरों पर एक घंटे या आधे घंटे तक रहे। ताकि मंदिर की सकारात्मक एनर्जी कुछ देर तक आपके शरीर में बनी रहे। यह आपके लिए बेहद फायदेमंद रहेगा।

लौटते समय घंटी न बजाएं

मंदिर में पूजा खत्म करने के बाद जब भी आप घर लौटें, तो मंदिर की घंटी न बजाएँ। कई लोगों को मंदिर में प्रवेश करते समय और वहाँ से लौटते समय घंटी बजाते देखा गया है। यह एक बड़ी गलती है, जिससे बचना चाहिए। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो अगली बार जब आप मंदिर जाएँ, तो घर लौटते समय यह गलती न करें।

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