जानिए कौन सा देश सबसे पहले नए साल 2026 में प्रवेश करेगा और कौन आखिरी में कहेगा हैलो 2026!

First And Last Countries To Enter New Year 2026: नए साल 2026 दुनिया में अलग-अलग समय पर मनाया जाएगा. सबसे पहले किरिबाती और न्यूजीलैंड, आखिरी में अमेरिकन समोआ जश्न में शामिल होंगे, समय क्षेत्रों के हिसाब से.

Published by sanskritij jaipuria

First And Last Countries To Enter New Year 2026: जैसे ही दुनिया नया साल 2026 मनाने की तैयारी करती है, ये जश्न हर जगह एक साथ नहीं होता. पृथ्वी के अलग-अलग समय क्षेत्रों की वजह से अलग-अलग देशों में आधी रात अलग समय पर आती है. इसलिए कुछ देश पहले नए साल में प्रवेश करते हैं और कुछ देर में. यही वजह है कि नए साल का जश्न दुनिया भर में धीरे-धीरे फैलता है.

नए साल 2026 में सबसे पहले कौन से देश नए साल में प्रवेश करेंगे?

नए साल 2026 का स्वागत सबसे पहले प्रशांत महासागर के पास के छोटे द्वीप देशों में होता है. सबसे पहले किरिबाती के लाइन द्वीप (Line Islands) जैसे किरिटिमाती (क्रिसमस आइलैंड) नए साल में प्रवेश करते हैं.

इसके बाद न्यूजीलैंड के शहर जैसे ऑकलैंड और वेलिंगटन जश्न मनाते हैं. कुछ हिस्सों में पूर्वी रूस और द्वीप देश टोंगा और समोआ भी जल्दी नए साल का जश्न मनाते हैं. इन जगहों पर लोग आतिशबाजी करते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं और टीवी पर काउंटडाउन दिखाई देता है.

समय क्षेत्र कैसे तय करते हैं नए साल का समय?

नए साल अलग-अलग देशों में अलग समय पर आने का कारण है समय क्षेत्र (Time Zone). दुनिया में 24 समय क्षेत्र हैं. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) यह तय करती है कि एक दिन कब खत्म होता है और नया कब शुरू.

जो देश इस रेखा के पूर्व में हैं, वे नए साल में जल्दी प्रवेश करते हैं. जो देश पश्चिम में हैं, वे देर से प्रवेश करते हैं. जैसे-जैसे आधी रात पश्चिम की ओर बढ़ती है, जश्न एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका तक पहुंचता है. बड़े शहर जैसे टोक्यो, दुबई, लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क में नए साल का अपना खास तरीका होता है.

नए साल 2026 में सबसे आखिर में कौन से देश नए साल में प्रवेश करेंगे?

सबसे आखिर में नए साल में प्रवेश करने वाले देश अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के पश्चिम में हैं. इनमें अमेरिकन समोआ, बेकर आइलैंड और हाउलैंड आइलैंड शामिल हैं. ये देश UTC−11 समय क्षेत्र में हैं, इसलिए ये पहले जश्न मनाने वाले देशों से लगभग एक दिन पीछे हैं.

इस तरह, नए साल का जश्न दुनिया में अलग-अलग समय पर फैलता है और हर देश अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुसार इसे मनाता है.

 

sanskritij jaipuria

Recent Posts

Delhi University Protest: ‘जाति पूछकर 500 लोगों ने…’, रुचि तिवारी ने बताया कैसे भीड़ ने किया हमला और दी दुष्कर्म की धमकी

Delhi University Protest: दिल्ली यूनिवर्सिटी में UGC के सपोर्ट में हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान…

February 14, 2026

pradosh Vrat : प्रदोष व्रत में शिव आराधना कैसे करें? जानें खास मंत्र और विधि

pradosh Vrat : फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 14 फरवरी, शनिवार को…

February 14, 2026