Slow Heart Rate Recovery: सीढ़ियां चढ़ना रोजाना का जिंदगी का हिस्सा है.डॉक्टरों के मुताबिक, आपकी छोटी-सी गतिविधि दिल की सेहत के बारे में काफी कुछ बता सकती है. जब हम सीढ़ियां चढ़ने हैं, तो उस वक्त शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है. ऐसे में दिल तेजी से धड़कने लगता है और मसल्स तक खून पहुंचाने का काम करना है. यह प्रक्रिया सामान है, लेकिन सीढ़ियां चढ़ने के बाद शरीर कितनी जल्दी सामान्य स्थिति में लौटता है.इस बात पर ध्यान देना जरुरी है.
इससे क्या जान सकते हैं आप?
कार्डियोलॉजिस्ट इसे हार्ट रेट रिकवरी की गति कहते हैं. अगर सीढ़ियां चढ़ने के बाद सांस और दिल की धड़कन जल्दी सामान्य हो जाए, तो यह अच्छे कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस का संकेत माना जाता है. लेकिन अगर सांस लंबे समय तक फूलती रहे या दिल की धड़कन सामान्य होने में अधिक समय लगे, तो यह दिल और बल्ड वेसल्स पर बढ़ते दबाव का संकेत हो सकता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉ. आशीष अग्रवाल ने TOI को दी जानकारी में बताया कि कई लोग यह समझ नहीं पाते कि सीढ़ियां चढ़ने की सामान्य सी गतिविधि दिल की सेहत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है. उनका कहना है कि जब हम सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत होती है. इसलिए दिल की धड़कन का बढ़ना स्वाभाविक है. लेकिन अगर शरीर को सामान्य होने में जरूरत से ज्यादा समय लगता है, तो दिल और व्लड बेसल्स के सही तरीके से काम न करने का संकेत हो सकता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि दिल की रिकवरी स्पीड इस पर निर्भर करती है दिल खून कितनी तेजी से पंप कर रहा है. धमनियां ऑक्सीजन को कितनी आसानी से शरीर तक पहुंचा रही हैं. मांसपेशियां उस ऑक्सीजन का कितना ठीक से उसका सही उपयोग कर पा रही है. अगर इस प्रक्रिया का कोई भी हिस्सा प्रभावित होता है, तो शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में काफी समय लग सकता है.
क्यों होती है ऐसा दिक्कत?
- लंबे समय तक बैठकर काम करना
- खान-पान, धूम्रपान जैसी गंदी आदत
- तनाव और कम फिजिकल एक्टिविटी
- अधिक समय तक बिस्तर पर लेटे रहना.
- डिहाइड्रेशन यानी कम पानी पीना.
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