Bhajan Clubbing: आज के मार्डन समय में नए पीढ़ी के युवा जिन्हें हम Gen Z के नाम से जानते हैं उनमें आजकल एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. यह युवा क्लबिंग के साथ-साथ धर्म को साथ जोड़कर भजन क्लबिंग का ट्रेंड शुरू कर चुके हैं. यह आजकल की युवा पीढ़ी के बीच बहुत तेजी से पॉपुलर हो रहा है.
भजन क्लबिंग में यूथ अपने ग्रुप के साथ रात के समय इंगलिश या हिंदी गानों के बजाय भजन पर नाचते हैं और गाते हैं. यह एक नया ट्रेंड है जिससे यह अपने आप को बहुत सुकून में पाते हैं. इससे ना केवल मानसिक बल्कि आध्यात्मिक फायदे भी हैं और आप अपने आपको स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं,
भजन क्लबिंग म्यूजिक के साथ धर्म का अनोखा मेल है, जिससे एक पॉजीटिव और बेहद शानदार माहौल क्रिएट हो जाता है और आप अपने आप को भगवान की भक्ति में डूबा हुआ पाते हैं.
यह नया कल्चर युवाओं में बहुत तेजी से बढ़ रहा है और इस तरह की भजन क्लबिंग का आयोजन भी अब तेजी के साथ बढ़ रहा है. भजन क्लबिंग में किसी प्रकार के नशे, मांस मदिरा का सेवन नहीं किया जाता और युवा अपने आप को भगवान की भक्ति में लीन करना चाहते हैं.
इस भजन क्लबिंग के बाद से जो युवा धर्म से जुड़ना चाहते थे और समय नहीं निकाल पाते थे, इससे वो फन, एंजॉयमेंट के साथ भगवान में अपना मन लगा सकते हैं और खुद को इस तरह से भक्ति में लगाकर एक पॉजीटिव औरा (Positive Aura) क्रिएट करते हैं और भगवान के मंत्रों का जाप भी करते हैं.
इस भजन क्लबिंग के सहारे हमारे युवा अपने जड़ों से जुड़ने की कोशिश कर रहें हैं. साथ ही युवा में क्लबिंग का क्रेज हमेशा से रहता है और भजन के साथ क्लबिंग बहुत दिलचस्प और खास मेल है.
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