Halwa Ceremony 2026: हलवा सेरेमनी नाम सुनने में अजीब लगता है. जब भी कोई इसके बारे में सुनता है तो उसे लगता है कि क्या है ये, लोगों के मन में काफी सवाल आ जाता है. आज हम आपको बताएंगे ये क्या है. हर साल भारत की वित्त मंत्री सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करती है और इस साल भी कुछ ऐसा ही होगा. आने वाली 1 फरवरी को वो यूनियन बजट 2026 पेश करेंगी. बजट पेश होने से पहले एक सेरेमनी होती है उस सेरेमनी को ही हलवा सेरेमनी कहा जाता है. इस सेरेमनी में क्या होता है और ये बजट से पहले ही क्यों होती है. आइए जानते हैं.
हलवा सेरेमनी क्या होता है? What is Halwa Ceremony?
हलवा सेरेमनी कुछ नया नहीं है ये सालों से चलता चला आ रहा है और ये बजट से कुछ दिन पहले ही होती है. इस दिन दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में एक बड़ी सी कढ़ाई में हलवा बनता है और फिर वित्त मंत्री सीतारमण हर किसी को हलवा बाटती है जो भी बजट से जुड़ेअधिकारी और कर्मचारी होते है. कह सकते हैं कि ये बजट पेश करने की एक तरह की शुरूआत होती है.
कौन-कौन शामिल होता हैं?
अब लोगों के मन में एक और सवाल है कि इसमें कौन-कौन शामिल होता है तो हम आपको बता दें कि इसमें वित्त मंत्री, वित्त राज्य मंत्री, वित्त सचिव, बजट तैयार करने वाले अधिकारी और मंत्रालय के अन्य कर्मचारी शामिल होते हैं. इसमे खुद वित्त मंत्री अपने हाथ से सबको हलवा देती हैं.
हलवा सेरेमनी मनाने की वजह: Halwa Ceremony Reason
लोग सोचते हैं कि इसे मनाने की वजह क्या है तो हम आपको बता दें कि भारत में हर शुभ काम से पहले मिठाई बांटने की परंपरा काफी पुरानी है. ऐसे में बजट से पहले हलवा बनाना काफी शुभ माना जाता है. इससे ये साबित होता है कि बजट तैयार हो चुका है और बस फाइनल स्टेज में है.
लॉक-इन पीरियड क्या है? What is Lock-in-Period
इस सेरेमनी के बाद वित्त मंत्रालय के कई अधिकारी और कर्मचारी लॉक-इन पीरियड हैं और वो बजट पेस होने तक बाहर नहीं आते, न ही उनका किसी से कांटेक्ट होता है. ऐसा करने की वजह ये होती है ताकि बजट से पहले कोई भी जानकारी बाहर न जाए.
इस साल लॉक-इन पीरियड का समय 31 जनवरी है, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2026 पेश करने वाली होंगी.

