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खाने में लेता था ऐसी चीज, चूमते ही मर जाती थीं सुलतान की हूरें, गुजरात के इस बादशाह की कहानी सुन पतियों को नहीं देंगी ये पकवान

Samosa-Jalebi and Gujrat Sultan: 'गुजरात का एक ऐसा सुल्तान' जो रात में उठकर सैकड़ों समोसे खा जाता था। इतना ही नहीं वो जलेबी जैसी कई किलो मिठाइयां एक ही बारी में गटक लेता था।

Published by Heena Khan

Samosa-Jalebi and Gujrat Sultan: ‘गुजरात का एक ऐसा सुल्तान’ जो रात में उठकर सैकड़ों समोसे खा जाता था। इतना ही नहीं वो जलेबी जैसी कई किलो मिठाइयां एक ही बारी में गटक लेता था। फिर भी उसकी भूख शांत नहीं होती थी। हद तो तब हो गई जब वो  एक दिन में करीब 35 किलो खाना खा गया। दरअसल, इतालवी यात्री लुडोविका डी वर्थेमा ने बताया कि गुजरात के सुल्तान महमूद बेगड़ा को हर समय भूख लगती रहती थी, वो हमेशा कुछ न कुछ कहते रहते थे। उन्होंने जानकारी दी कि वो नाश्ते में एक बड़ा गिलास शहद और 150 केले खा जाता था। 

अब इन चीजों पर भी सरकार की वार्निंग

महमूद बेगड़ा को शायद पता नहीं था कि ये समोसे और जलेबी कहां से आते हैं, जो उनकी जुबान पर इस कदर चढ़ गए थे कि वो इन्हें रात में अपने बिस्तर के चारों ओर बड़ी-बड़ी प्लेटों में सजाकर रखते थे। ऐसा इसलिए क्यूंकि अगर रात में सुल्तान को भूख लगे तो वो बिना टाइम जाया किए उन्हें खा लें। चलिए जानते हैं समोसा-जलेबी के ऐसे सफर के बारे में, जो आज हर किसी के मन में बस्ते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि सिगरेट के पैकेटों की तरह ही जल्द ही एम्स नागपुर जैसे केंद्रीय संस्थानों में समोसे, जलेबी और चाय बिस्कुट के पास स्वास्थ्य चेतावनी बोर्ड नजर आया करेंगे।  

गजब थे गुजरात के सुलतान

दरअसल, 13 साल की उम्र में गुजरात सल्तनत की गद्दी पर बैठने वाले महमूद शाह को महमूद बेगड़ा के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 52 वर्षों (1459-1511 ई.) तक शासन किया। गिरनार और चंपानेर के किलों पर विजय प्राप्त करने के कारण उन्हें ‘बेगड़ा’ की उपाधि दी गई थी। उनकी लंबी दाढ़ी और मूंछें पूरी सल्तनत में प्रसिद्ध थीं। उनकी मूंछें इतनी लंबी थीं कि वो उन्हें अपने सिर के पीछे बांध लेते थे। 35 किलो खाना खाने के बाद भी उनके बिस्तर के चारों ओर मांस से भरे समोसे रखे रहते थे। दोपहर में भरपेट भोजन करने के बाद उन्हें मिठाई खाने का शौक था। प्रतिदिन वे केवल साढ़े चार किलो से अधिक मिठाई ही खा जाते थे। इनमें जलेबियाँ भी शामिल थीं।

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चूमते ही मर जाती थी लड़कियां

आपकी जानकारी के लिए बता दें, महमूद बेगड़ा रोज़ाना ज़हर का सेवन किया करता था। उस समय गुजरात की यात्रा पर आए पुर्तगाली यात्री दुआर्ते बारबोसा ने लिखा है कि सुल्तान रोज़ाना भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में ज़हर लेता था। कहा जाता है कि बचपन में उसे मारने के लिए ज़हर दिया गया था। हालाँकि, वह बच गया। इसके बाद, वह खुद भी ज़हर पी लेता था, जिससे उसका शरीर जहरीला हो गया। बारबोसा लिखता है कि अगर सुल्तान के हाथ पर कोई मक्खी बैठ जाती, तो वह सूजकर वहीं मर जाती। यही वजह थी कि अगर वह किसी भी महिला के साथ संभोग करता, तो वो मर जाती।

Heena Khan
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