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Rajasthan News: हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, महिला कार्मिक ने बीच-बचाव कर बचाई जान, विधायक प्रतिनिधि और छात्र संगठन में आक्रोश

Rajasthan News: बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा क्षेत्र स्थित कतरिया राजकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास में सोमवार रात रैगिंग और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों से मोबाइल हॉटस्पॉट को लेकर विवाद किया और देर रात साथियों को बुलाकर तीन जूनियर छात्रों पर हमला कर दिया। घटना में तीनों को शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

Published by Mohammad Nematullah

गौतमसिंह राठौड़ की रिपोर्ट, Rajasthan News: बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा क्षेत्र स्थित कतरिया राजकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास में सोमवार रात रैगिंग और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों से मोबाइल हॉटस्पॉट को लेकर विवाद किया और देर रात साथियों को बुलाकर तीन जूनियर छात्रों पर हमला कर दिया। घटना में तीनों को शरीर पर गंभीर चोटें आईं। चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के समय हॉस्टल वार्डन मौके पर मौजूद ही नहीं थे, जबकि नियमों के अनुसार रात में वार्डन का हॉस्टल में रहना अनिवार्य है।

मोबाइल डेटा को लेकर शुरू हुआ विवाद

कालिंजरा थाना अधिकारी के अनुसार, छात्रावास में रह रहे दो सीनियर छात्र अभिनव और एक अन्य छात्र ने जूनियर छात्र अनिल, अर्पित और अंकेश से कहा कि उनका मोबाइल डेटा खत्म हो गया है, इसलिए हॉटस्पॉट ऑन करें। हॉटस्पॉट का डेटा खत्म होने पर बहस, गाली-गलौज और धमकी हुई। सीनियर छात्र बाहर चले गए, लेकिन देर रात कुछ साथियों को लेकर वापस आए और तीनों जूनियर छात्रों के साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान चीख-पुकार सुनकर हॉस्टल में कार्यरत खाना बनाने वाली महिला कार्मिक कंकू देवी और कुछ अन्य छात्रों ने बीच-बचाव किया। घायल छात्रों को तुरंत नजदीकी बागीदौरा अस्पताल (सीएससी) में भर्ती करवाया गया।

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परिजनों का आक्रोश, मुकदमा दर्ज

घटना की जानकारी मिलते ही तीनों छात्रों के परिजन पहुंचे और कालिंजरा थाने में सीनियर छात्रों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के अगले दिन बागीदौरा विधायक के प्रतिनिधि विजय लाल हुआ और भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के ब्लॉक संयोजक रितेश निनामा हॉस्टल पहुंचे। दोनों ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी केवल औपचारिक जांच कर मामले को दबा देते हैं।

पुलिस और प्रशासन पर दबाव

छात्रावास में रात को वार्डन की मौजूदगी जरूरी है, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लेकिन इस घटना में वार्डन का न होना यह दर्शाता है कि व्यवस्था में भारी लापरवाही है। पिछले कुछ समय से ऐसे कई मामलों में भी वार्डन की अनुपस्थिति देखी गई है। स्थानीय लोगों, परिजनों और छात्र संगठनों ने मांग की है कि आरोपी छात्रों पर सख्त कार्रवाई हो और हॉस्टल में 24 घंटे सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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