PM Svanidhi Credit Card: भारत के शहरों की सुबह चाय की केतली से और शाम सब्जी-ठेलों से शुरू होती है. सड़क किनारे खड़े लाखों रेहड़ी-पटरी वाले, ठेलेवाले और छोटे वेंडर्स हमारी रोजमर्रा की जिंदगी काफी आसान बनाते हैं. लेकिन शहरी अर्थव्यवस्था की नींव माने जाने वाले ये लोग अक्सर बैंकिंग सिस्टम और सस्ते कर्ज से दूर रह जाते हैं. ऐसे में स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने PM SVANidhi योजना शुरू की, जिसे अब PM SVANidhi Credit Card के जरिये और मजबूती दी जा रही है.
पीएम स्वनिधि योजना क्या है? : What is PM SVANidhi Scheme
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) एक माइक्रो-क्रेडिट योजना है, जिसे 1 जून 2020 को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने लॉन्च किया था. इस योजना का मेन उद्देश्य सड़क किनारे कारोबार करने वाले वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के कम ब्याज पर वर्किंग कैपिटल लोन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना व्यवसाय दोबारा खड़ा कर सकें और आगे बढ़ा सकें.
कोरोना महामारी के बाद भले ही ये योजना राहत के रूप में आई हो, लेकिन आज ये देश की सबसे जरूरी फाइनेंशियल इंक्लूजन स्कीम में गिनी जाती है.
PM SVANidhi Credit Card क्यों है गेम-चेंजर?
PM SVANidhi Credit Card इस योजना का नया और स्मार्ट स्टेप है. इसके जरिये वेंडर्स को आसान और तेज क्रेडिट, डिजिटल भुगतान की सुविधा और समय पर भुगतान का रिकॉर्ड मिलता है. सरकार का लक्ष्य है कि स्ट्रीट वेंडर्स कैश से डिजिटल इकोनॉमी की ओर बढ़ें और औपचारिक वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा बनें.
कितना लोन मिलता है और शर्तें क्या हैं?
PM SVANidhi योजना के तहत लोन तीन चरणों में दिया जाता है:
पहला चरण: ₹10,000 तक का लोन (बिना गारंटी)
समय पर चुकाने पर: ₹20,000 तक का दूसरा लोन
तीसरा चरण: ₹50,000 तक की क्रेडिट सुविधा
इस लोन पर 7% तक ब्याज सब्सिडी मिलती है. कोई कोलैटरल नहीं, कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं. पैसे सीधे लाभार्थी के बैंक में ट्रांसफर होते है.
डिजिटल पेमेंट करने पर मिलेगा कैशबैक
सरकार डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए खास प्रोत्साहन दे रही है. जो वेंडर्स UPI, QR Code या अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान लेते हैं, उन्हें हर महीने ₹100 तक का कैशबैक मिलता है. इससे आय बढ़ती है और डिजिटल पहचान भी मजबूत होती है.
कौन ले सकता है PM SVANidhi योजना का लाभ?
इस योजना के तहत निम्न लोग पात्र हैं:
वे स्ट्रीट वेंडर जिनके पास ULB द्वारा जारी Certificate of Vending (CoV) या Identity Card है
वे वेंडर जिनकी पहचान सर्वे में हुई है, लेकिन प्रमाणपत्र अभी नहीं मिला.
वे लोग जो सर्वे से छूट गए थे या बाद में वेंडिंग शुरू की, लेकिन जिनके पास ULB/TVC की Letter of Recommendation (LoR) है.
पेरी-अर्बन या ग्रामीण क्षेत्र के वे वेंडर, जो शहर की सीमा में कारोबार करते हैं और LoR रखते हैं.
किन-किन वेंडर्स को मिलता है फायदा?
PM SVANidhi योजना में लगभग सभी प्रकार के स्ट्रीट वेंडर्स शामिल हैं, जैसे सब्जी-फल विक्रेता, स्ट्रीट फूड और चाय-ठेला, नाई, मोची, पानवाला, कपड़े-जूते बेचने वाले, किताब-स्टेशनरी विक्रेता, धोबी, अंडा-ब्रेड बेचने वाले और अन्य छोटे सेवा प्रदाता.
PM SVANidhi योजना के मेन फायदे
कम ब्याज पर आसान लोन.
बिना गारंटी आर्थिक सहायता.
डिजिटल पहचान और बैंकिंग एक्सेस.
आत्मनिर्भर बनने का अवसर.
छोटे लेवल पर एंप्लॉयमेंट जेनरेशन.
असंगठित क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना.
PM SVANidhi योजना में आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
1. आधिकारिक वेबसाइट pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाएं.
2. मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉग-इन करें.
3. अपनी Vendor Category चुनें.
4. Survey Reference Number (SRN) दर्ज करें.
5. फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.
6. आवेदन सबमिट करें.
ऑफलाइन आवेदन के लिए नजदीकी नगर निगम, ULB या बैंक शाखा में जाकर सहायता ली जा सकती है.

