Categories: देश

भारत की विदेश नीति: सत्ता में आते ही पीएम मोदी का एक नया अध्याय हुआ शुरू

साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की विदेश नीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा था. पद संभालते ही पीएम मोदी ने भारत की वैश्विक छवि को सुधारने में एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था. पीएम मोदी की विदेश यात्रा बड़ी ही रोमांचक भरी है.

Published by DARSHNA DEEP

PM Modi Foreign travel : साल 2014 का वो दिन जिसे भारत के इतिहास में हमेशा के लिए याद रखा जाएगा. ये दिन कोई आम दिन था. इस दिन के बाद से पूरे भारत की एक अनोखी तस्वीर बदलने वाली थी. मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत की विदेश नीति में एक नया अध्याय ने मोड़ ले लिया. नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अपना पदभार संभालते ही सबसे पहले भारत की भारत की वैश्विक छवि (Global Image) को सुधारने पर जी जान लगा दिया. आपसे में बहुत कम लोग ये जानते होंगे कि उनकी इस विदेश नीति को ‘मोदी सिद्धांत’ भी कहा जाता है. तो आइए जानते हैं क्या है मोदी सिद्धांत के कुछ महत्वपूर्ण तत्व. 

मोदी सिद्धांत (PM Modi Principle) के प्रमुख तत्व

पड़ोसी पहले (Neighbourhood First)

अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पीएम मोदी ने सार्क (SAARC) देशों के प्रमुखों को आमंत्रित करके इस नीति की शुरुआत की थी. (SAARC) का उद्देश्य पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करना है.

एक्ट ईस्ट नीति (Act East Policy):इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार, सुरक्षा जैसे संबंधों को मजबूत करना है.

वैश्विक भागीदारी (Global Partnership)

Related Post

 मोदी सरकार ने अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख वैश्विक शक्तियों (Global Power) के साथ अपने संबंधों को साल भर साल गहरा किया. इतना ही नहीं छोटे देशों के साथ भी अपने संबंधों को स्थापित किए.

प्रवासी भारतीयों को एक साथ जोड़ना

अपने विदेशी दौरे के दौरान पीएम मोदी ने खास तौर से भारतीयों प्रवासियों पर विशेष ध्यान दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने उन प्रवासी भारतीयों के साथ विभिन्न मंच पर कई बड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए. उनकी इस शानदार पहल से प्रवासी भारतीयों को देश के विकास से जोड़ा और भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को बढ़ाने में मदद मिली. 

प्रभाव और परिणाम

इस नीति का सीधा असर भारत की वैश्विक स्थिति पर पड़ा है. आज भी भारत को एक मजबूत और निर्णायक शक्ति के रूप में देखा जाता है. वैश्विक मंचों पर भारत की बात सुनी जाती है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक समस्याओं के समाधान में भी नेतृत्व की अहम भूमिका निभाई है. यह सब ‘मोदी सिद्धांत’ की सफलता को ही दर्शाता है.

DARSHNA DEEP
Published by DARSHNA DEEP

Recent Posts

Papamochani Ekadashi 2026: कब है पापमोचनी एकादशी 14 या 15, जानें पूजा विधि और मुहूर्त

Papamochani Ekadashi 2026: मार्च 2026 में पापमोचनी और कामदा एकादशी हैं. भक्त इस दिन व्रत…

March 6, 2026

Salman Khan: भाईजान का Aura! सेट पर 10 घंटे लेट पहुंचे थे सलमान, इंतजार करते-करते भड़क उठी ये को-स्टार

Salman Khan: सलमान खान सिर्फ़ अपने ऑन-स्क्रीन ऑरा और मैजिक के लिए ही नहीं जाने…

March 6, 2026

विरोधियों ने तलाश ली सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी कमजोरी, क्या फाइनल में कप्तान बनेंगे विलेन?

Suryakumar Yadav T20 World Cup 2026: सूर्यकुमार यादव की अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में छोड़…

March 6, 2026

Online Traffic Challan Payment: जानिए घर बैठे ही मिनटों में ट्रैफिक चालान कैसे चुकाएं-जानें स्टेप बॉय स्टेप ऑनलाइन तरीका

Online Traffic Challan Payment: भारत में ट्रैफिक चालान अब ऑनलाइन चुकाया जा सकता है. आधिकारिक…

March 6, 2026

Gold Price March 6: आज 6 मार्च को कैसा है सोने का हाल, दाम गिरे या बढे, जानें यहां?

Gold Price March 6: आज अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो हम…

March 6, 2026

Nepal Election 2026 Results Live Updates: नेपाल की 165 सीटों  पर मतगणना जारी; पूर्व पीएम पिछड़े; बालेन शाह ने चौंकाया

Nepal Election 2026 Results Live Updates: हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के इस चुनाव में लगभग 60…

March 6, 2026