PM Modi Parliament speech : संसद के दोनों सदनों में बजट सत्र 2026 जारी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन में पश्चिम एशिया में पिछले 24 दिनों से जारी संघर्ष और इसके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अहम बातें रखीं.
प्रमुख अंश
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि वह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और इस कारण भारत में आई समस्या पर बात रखने के लिए उपस्थित हुए हैं. वहां हालात चिंताजनक हैं. इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है. भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी की हैं.
हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है
हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें. हम हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं. पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर बहुत काम हुआ है. पेट्रोल में 20 परसेंट इथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है. इससे भी बचत हो रही है. हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है. हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया. आज वैकल्पिक ईंधन पर जिस कदर काम हो रहा है.
युद्ध का असर लंबे समय तक रहने की संभावना
पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस युद्ध से दुनिया में जो मुश्किल हालात बने हैं, उनका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है, इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए। हमने COVID के समय में एकता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना किया है और अब हमें फिर से तैयार रहने की ज़रूरत है…”
सरकार किसानों की मदद करती रहेगी
किसानों को 22 लाख से अधिक सोलर पंप दिए गए हैं. इससे भी उनकी डीजल पर निर्भरता कम हुई है. सरकार किसानों की मदद करती रहेगी. गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है. आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी. पावर जेनरेशन से सप्लाई तक, सभी सिस्टम की मॉनिटरिंग की जा रही है. रिन्यूएबल एनर्जी से भी मदद मिली है. देश ने बड़े कदम उठाए हैं. आधा हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से आता है. बीते 11 वर्षों में देश ने अपनी सोलर पावर कैपेसिटी तीन गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट के पार पहुंचा दिया है. गोवर्धन योजना के तहत बॉयो गैस प्लांट भी काम करना शुरू कर चुके हैं. ये सारे प्रयास आज काम आ रहे हैं. सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी को भी प्रोत्साहित किया है. अगले पांच वर्षों में 1500 सौ नई पावर कैपेसिटी जोड़ी जाएगी.

