New CM of Bihar: बिहार की राजनीति में बदलाव की स्थिति बन गई है. सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद अब नए सीएम के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. दो दशक तक बिहार की सत्ता नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द केंद्रित रही, लेकिन अब उनका दिल्ली जाना नए समीकरणों की शुरुआत माने जा रहा है.
अगला सीएम चेहरा कौन?
बीजेपी बिहार में पहली बार सीएम का पद अपने किसी नेता को देने जा रही है. हालांकि यह तय माना जा रहा है कि सीएम बीजेपी का होगा, लेकिन किसे यह जिम्मेदारी मिलेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है. सीएम पद के लिए बीजेपी के कई नेता रेस में हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, उपसीएम सम्राट चौधरी, मंत्री दिलीप जायसवाल और पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया शामिल हैं.
प्रबल दावेदारों की स्थिति
फिलहाल उपसीएम सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. बिहार का गृह मंत्रालय संभाल रहे चौधरी नीतीश कुमार के साथ अनुभव रखते हैं और पीएम मोदी व अमित शाह के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं. वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी सीएम पद की दौड़ में प्रमुख हैं. दोनों नेता ओबीसी समुदाय से हैं और बिहार की जातीय राजनीति में मजबूत समीकरण रखते हैं.
अन्य संभावित चेहरे
सीएम रेस में अन्य बीजेपी नेता भी शामिल हैं, जैसे पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया और मंत्री दिलीप जायसवाल. इनके पास संगठन और प्रशासनिक अनुभव दोनों हैं. मौजूदा डिप्टीसीएम विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा समेत कई और नाम भी चर्चित हैं. कुछ चर्चाओं में महिला सीएम का विकल्प भी सामने आया है, लेकिन अभी तक नाम स्पष्ट नहीं हुआ है.
जेडीयू की भूमिका और डिप्टीसीएम की दौड़
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद जेडीयू में भी बड़े बदलाव की संभावना है. बिहार में सरकार का फार्मूला हमेशा सीएम और डिप्टीसीएम रहा है. बीजेपी सीएम बनाते ही जेडीयू को डिप्टीसीएम का पद दिया जाएगा, लेकिन यह पद एक होगा या दो, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है.
सत्ता का नया फार्मूला
बीजेपी और जेडीयू के बीच पिछले दो दशक का साझा मॉडल बदलने वाला है. अब सवाल यह है कि बिहार में सत्ता और सरकार का नया समीकरण कैसा होगा और कौन सी नई रणनीति दोनों पार्टियों के बीच अपनाई जाएगी.

