National Voters Day 2026: पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर सभी को बधाई देते हुए एक पत्र लिखा है. उन्होंने कहा- राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर आपको, आपके परिवार और मित्रों को हार्दिक शुभकामनाएं! देश के एक नागरिक के रूप में आपसे जुड़कर मुझे बहुत खुशी हो रही है. भारतीय लोकतंत्र पर हमें गर्व है और इसे बनाने में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है.
भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है. हमारे लोकतंत्र की जड़ें सदियों पुरानी हैं. भारत में डेमोक्रेसी, बहस और संवाद हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं. देश में आम चुनाव की शुरुआत 1951 में हुई थी. इस साल हम इसके 75 साल पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं. 1952 के पहले चुनाव ने ये साबित किया कि लोकतांत्रिक भावना हमारे स्वभाव में गहराई से समाई हुई है.
मतदान: अधिकार और जिम्मेदारी
लोकतंत्र में मतदाता होना न केवल एक अधिकार है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है. मतदान के माध्यम से हम देश के भविष्य को आकार देते हैं. मतदान के समय उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही ये बताती है कि हमारा लोकतंत्र जीवंत है और इसका उद्देश्य बड़ा है.
पहली बार मतदाता
आपके परिवार या मित्रों में कई युवा पहली बार वोटर बन रहे होंगे. उनके लिए ये बहुत जरूरी पल है. पहली बार वोट करने वाले युवाओं का स्वागत लोकतंत्र में पूरे उत्साह के साथ होना चाहिए, क्योंकि उनके पास देश के भविष्य को प्रभावित करने की शक्ति है.
हम सभी को चाहिए कि जब कोई नया वोटर बने, तो इसका जश्न मनाएं. घर पर मिठाई बांटना हो, मोहल्ले में या अपार्टमेंट में छोटे समारोह आयोजित करना हो, ये सब उन्हें लोकतांत्रिक जिम्मेदारी की अहमियत का अहसास दिलाएगा.
स्कूल और कॉलेज: लोकतंत्र की नींव
हमारे स्कूल और कॉलेज लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में नर्सरी की तरह काम करते हैं. उन्हें चाहिए कि वे छात्रों के पहली बार वोटर बनने के अवसर को सेलिब्रेट करें. नए वोटर को सम्मानित करने वाले समारोह आयोजित किए जा सकते हैं. स्कूल और कॉलेज परिसर ऐसे अभियानों का केंद्र बन सकते हैं, जिससे हर युवा वोटर रजिस्ट हो. हर साल 25 जनवरी, राष्ट्रीय मतदाता दिवस, इसके लिए एक सही अवसर है.
चुनाव: लोकतंत्र का उत्सव
दुनिया के लिए इतने बड़े लेवल पर चुनाव कराना एक बड़ी उपलब्धि है. हमारे लिए ये केवल प्रबंधन नहीं, बल्कि लोकतंत्र का भव्य उत्सव है. देश के हर नागरिक की भागीदारी इसे और जीवंत बनाती है.
चाहे कोई हिमालय की ऊंचाइयों में हो, अंडमान-निकोबार द्वीपों में, रेगिस्तान में या घने जंगलों में, सभी वोट करके अपनी आवाज सुनाते हैं. ये प्रतिबद्धता हमारे लोकतांत्रिक आदर्शों की ताकत है और आने वाले समय के लिए प्रेरणा बनेगी.
नारी शक्ति और युवा भागीदारी
समावेशी लोकतंत्र के लिए युवा महिलाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है. उनकी सक्रियता और जागरूकता ने भारत के लोकतंत्र को मजबूत किया है. युवा साथियों से मेरा आग्रह है कि वे माई भारत (MY Bharat) प्लेटफॉर्म से जुड़ें. ये प्लेटफॉर्म देश को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र में अपनी भागीदारी दिखाने का माध्यम बनेगा.

