DGCA Action on IndiGo Crisis: दिसंबर 2025 के शुरुआत में हुए इंडिगो फ्लाइट क्राइसिस मामले में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी डीजीसीए ने एक बड़ा फैसला लिया है. डीजीसीए ने भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. इस एक्टर ने जरिए डीजीसीए ने हर उस पल का हिसाब लिया, जिसके कारण पैसेंजर्स को खून के आंसू रोने के लिए मजबूर हो गए थे. फ्लाइट ऑपरेशंस और रिवाइज्ड एफडीटीएल कार के नियमों का पालन न करने की वजह से डीजीसीए ने टॉप मैनेजमेंट को वॉर्निंग दी गई है. इसके साथ कुल ₹22.20 करोड़ की भारी पेनल्टी भी एयरलाइन के खिलाफ लगाई गई है.
22.20 करोड़ की भारी पेनल्टी
डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ को फ्लाइट क्राइसिस मैनेजमेंट पर ओवरऑल ओवरसाइट के लिए कॉशन जारी किया है. इसके साथ ही अकाउंटेबल मैनेजर को विंटर शेड्यूल 2025 और रिवाइज्ड एफडीटीएल कार का ठीक तरह से आंकलन न करने पर वॉर्निंग जारी की गई है. डीजीसीए के अनुसार, इसी कारण एयरलाइन को इतने वाली क्राइस से गुजरना पड़ा था. इसके अलावा सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को सिस्टमिक प्लानिंग और रिवाइज्ड एफडीटीएल ठीक समय पर लागू न करने के लिए वॉर्निंग दी है.
डीजीसीए ने किया पल-पल का हिसाब
डीजीसीए ने एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के रूल 133A के तहत निर्देशों को पालन न करने पर पेनल्टी लगाई है. एफडीटीएल कार और अन्य सीएआर नियमों के अनदेखी के 6 अलग-अलग मामलों में 30-30 लाख की पेनल्टी लगाई. पेनल्टी का कुल 1.80 करोड़ फाइन हुआ. वहीं 5 दिसंबर से 10 फरवरी 2026 तक कुल 68 दिनों तक रिवाइज्ड एफडीटीएल कार नियम ना पालन करने पर कंटिन्यूड नॉन-कंप्लायंस के तहत कार्रवाई की गई. इसके लिए ₹30 लाख प्रति दिन से ₹20.40 करोड़ की पेनल्टी हुई. डिगो एयरलाइंस पर कुल ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है.

