Ankita Bhandari Murder Case CBI Investigation: उत्तराखंड (Uttarakhand) के पौड़ी में वनंतरा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट का कारण करने वाली अंकिता भंडारी मर्डर केस में अब एक नया मोड आ गया है. इस केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज कर दी है. सीबीआई ने इस मामले में एक नया केस दर्ज कर लिया है. राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) की सरकार ने अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है. दरअसल, हाल ही में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी एक्ट्रेस उर्मिला सनावर ने मामले में एक बड़ा दावा कर सभी को हैरान कर दिया है. अंकिता हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका को लेकर उनके दावे ने राज्य में हलचल मता दी है. अंकिता के माता-पिता का कहना है कि सीबीआई जांच पर अब उनकी उम्मीदें टिकी हुई हैं.
सीबीआई को सौंपी जांच
अंतिका भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर जन दबाव और अंकिता के माता-पिता की मांग के बाद राज्य सरकार ने यह केस सीबीआई को सौंप दिया है. उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में एक नया मामला दर्ज कर लिया है. सीएम धामी ने इसी साल 9 जनवरी को सीबीआई जांच की मांग की थी. सीबीआई को केस सौंपने के बाद उम्मीद की जा रहीं हैं कि कथित वीआईपी गेस्ट का नाम अब सामने आ जाएगा.
अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपी
अंकिता भंडारी की हत्या साल 2022 के सितंबर में हुई थी. हत्याकांड के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला था. वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता भंडारी की हत्या रिजॉर्ट के ऑनर पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों ने कर दी थी. मामला गरमाने के बाद इस केस में जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई. जिसके बाद अंकिता भंडारी का शव 24 सितंबर 2022 को ऋषिकेश में चिल्ला नहर में पाया गया था.
उम्र कैद की सजा काट रहे आरोपी
आरोपों के मुताबिक, साल 2022 में अंकिता के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. उसके बाद उसका शव नहर में फेंक दिया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात से इनकार किया गया. हत्या के 6 दिन बाद बरामद की गई थी. इस हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में दोषी माना गया था. वह सभी अब जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं.
वीआईपी मेहमान को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’
अंकिता भंडारी की हत्या को लेकर दावा किया गया था कि राज्य में एक वीआईपी मेहमान को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने से इंकार कर दिया गया था. पुलकित आर्य और उसके साथियों के दबाव के बाद उसने झुकने से इनकार कर दिया था. बता दें कि, सीएम धामी से मुलाकात के समय अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की थी. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी का हत्यारा वीआईपी था. जिसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है.
उर्मिला के दावों से गरमाया मामला
उर्मिला ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो जारी कर इस मामले के पीछे एक प्रभावशाली नेता के होने का दावा किया था. इसके बाद सीबीआई जांच के मांग उठने लगी. हालांकि, उर्मिला ने बाद में अपने दावों को लेकर कोई सबूत पेश नहीं किया. उर्मिला के खिलाफ इस मामले में केस भी दर्ज हुए हैं. देहरादून और हरिद्वार में इसकी जांच जारी है.

