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Bank strike 2026: 27 जनवरी को देशभर में बैंक रहेंगे बंद , जानें इसका कारण और किन सेवाओं पर पड़ेगा असर

Bank strike January 27: अगर हड़ताल होती है, तो इससे लगातार तीन दिनों तक पब्लिक सेक्टर की बैंकिंग सेवाओं में रुकावट आने की उम्मीद है, क्योंकि 25 और 26 जनवरी पहले से ही छुट्टियां हैं.

By: Shubahm Srivastava | Published: January 26, 2026 8:15:37 PM IST



Bank strike 2026: बैंक स्टाफ यूनियनों ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की अपनी लंबे समय से लंबित मांग को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है. अगर हड़ताल होती है, तो इससे लगातार तीन दिनों तक पब्लिक सेक्टर की बैंकिंग सेवाओं में रुकावट आने की उम्मीद है, क्योंकि 25 और 26 जनवरी पहले से ही छुट्टियां हैं.

हड़ताल के पीछे क्या है वजह?

न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, यह मांग मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच वेतन संशोधन समझौते के दौरान हुए एक समझौते पर आधारित है. 
 
इस समझौते के तहत, दोनों पक्षों ने सभी शनिवार को छुट्टी घोषित करने पर सहमति जताई थी. हालांकि, यह फैसला अभी तक लागू नहीं किया गया है. ज़्यादातर पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने कहा है कि उन्होंने ग्राहकों को हड़ताल होने पर सेवाओं में संभावित रुकावट के बारे में अलर्ट कर दिया है.
 
UFBU द्वारा हड़ताल का नोटिस दिए जाने के बाद, मुख्य श्रम आयुक्त ने इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश में बुधवार और गुरुवार को सुलह बैठकें कीं. इन चर्चाओं के बावजूद, यूनियनों ने कहा कि कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला. शनिवार शाम तक, UFBU ने कहा कि वह अभी भी हड़ताल करने की योजना बना रहा है. UFBU ने कहा, “विस्तृत चर्चाओं के बावजूद, आखिरकार सुलह की कार्यवाही से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला.”

कौन से बैंक प्रभावित होंगे?

हड़ताल से प्रभावित होने वाले बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य सरकारी बैंक शामिल हैं.
 
फिलहाल, बैंक कर्मचारियों को रविवार के अलावा हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है. इसका मतलब है कि साल के ज़्यादातर हफ़्ते छह-दिवसीय कार्य सप्ताह बने रहते हैं. UFBU ने तर्क दिया है कि पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह में बदलने से मैन-आवर्स का नुकसान नहीं होगा, क्योंकि कर्मचारियों ने पहले ही सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन अतिरिक्त 40 मिनट काम करने पर सहमति जताई है.
 
UFBU ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार हमारी जायज़ मांग पर कोई जवाब नहीं दे रही है.”

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