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AK-203 Assault Rifle: भारत का ‘Sher’ उड़ाएगा चीन-पाक के होश, एक बार में 700 दुश्मनों का करेगा काम तमाम…जिगरी यार के साथ मिलकर इंडियन आर्मी ने किया तैयार

AK-203 Assault Rifle: सेना के अलावा, राज्य पुलिस और केंद्रीय पुलिस बलों में भी AK-203 खरीदने की होड़ मची हुई है। हाल ही में, केरल पुलिस ने AK-203 खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है।

Published by Shubahm Srivastava

AK-203 Assault Rifle: भारतीय सेना लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है। उसके जखीरे में एक से बढ़कर एक खतरनाक हथियार जुड़ते जा रहे हैं। अब इसी कड़ी में स्वदेशी ‘शेर’ भी शामिल हो गई है, जिसे यूपी के अमेठी में बनाया जा रहा है। असली शेर एक असॉल्ट राइफल है, जो एक मिनट में 700 राउंड फायर कर सकती है। आपको बता दें कि स्वदेशी AK203 राइफल रूस की मदद से यूपी के अमेठी स्थित कोरबा प्लांट में बनाई जा रही है। इस प्लांट में भारतीय सेना के लिए करीब 6 लाख राइफलें बनाई जा रही हैं।

इन्सास राइफल की जगह लेगी एके 203

सेना को 48 हज़ार बंदूकें पहले ही मिल चुकी हैं। इस साल के अंत तक 70 हज़ार और मिल जाएँगी। फ़िलहाल इस राइफल में 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होता है। दिसंबर 2025 में, जब 100 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होगा, तब इसे ‘शेर’ के नाम से जाना जाएगा। 2032 तक, AK 203 भारतीय सैनिकों के हाथों में पूरी तरह से अप्रचलित इंसास राइफल की जगह ले लेगी।

जानकारी के लिए बता दें कि साल 2019 में मेक इन इंडिया के तहत पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एके-203 असॉल्ट राइफल के निर्माण के लिए यूपी के कोरवा (अमेठी) में एक साझा प्लांट का उद्घाटन किया था।

एके 203 की ताकत

AK-203 एक बेहद हल्की बंदूक है। इसका वज़न सिर्फ़ 3.6 किलोग्राम है। यह 7.62x .39 मिमी की राइफल है जिसकी मारक क्षमता लगभग 800 मीटर है। AK-203 एक मिनट में 700 राउंड फायर कर सकती है।

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2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प और पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ विवाद के कारण भारतीय सेना को आनन-फानन में अमेरिका से दो बार 72-72 हज़ार सिग-सॉअर राइफलों की खेप मंगवानी पड़ी थी। वर्ष 2024 में राइफल निर्माण ने एक बार फिर गति पकड़ी और सेना को राइफलों की खेप पहुँचा दी गई।

इंडो रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) बना रही ‘शेर’

मेक इन इंडिया के तहत पहली बार भारत और रूस ने AK-203 राइफलों के निर्माण के लिए एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई है। इसका नाम इंडो रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) रखा गया है। खास बात यह है कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसी निजी कंपनी बनी है जिसकी कमान किसी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को सौंपी गई है। वर्तमान में, भारतीय सेना के मेजर जनरल एसके शर्मा IRRPL के प्रबंध निदेशक और सीईओ हैं। रक्षा मंत्रालय के पास भी IRRPL कंपनी में बड़े शेयर हैं।

सेना के अलावा, राज्य पुलिस और केंद्रीय पुलिस बलों में भी AK-203 खरीदने की होड़ मची हुई है। हाल ही में, केरल पुलिस ने AK-203 खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है।

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