Sugar And Cancer: यह अक्सर सुनने को मिलता है कि ‘शुगर कैंसर को बढ़ातीट है’. शुगर और कैंसर के बीच का हमेशा सार्वजनिक विषय बना रहा है. क्या मेडिकल साइंस भी यही कहता है? सच्चाई तो ये है कि शुगर और कैंसर के बीच के सबंध सीधा नही है. रिसर्च औरल मेडिकल साइंटिफिक फैक्ट्स के आधार पर आइए समझते है कि यह दावा मिथक है या तथ्य है. कैंसर के रिस्क में चीनी का असली भुमिका क्या है?
ज़्यादा शुगर सभी को नुकसान पहुंचाता
यह कहना गलत है कि अगर आपको कैंसर है तो आपको चीनी से बचना चाहिए. ज़्यादा चीनी उन लोगों के लिए भी नुकसानदायक है जिन्हें कैंसर नहीं है. कैंसर का डायग्नोसिस होने के बाद भी आप मॉडरेशन में चीनी खा सकते है. चीनी से कैंसर नहीं होता है. यह मिथक सच नहीं है कि चीनी से कैंसर होता है. सभी हेल्दी और कैंसर वाले सेल्स एनर्जी के तौर पर चीनी का इस्तेमाल करते है.
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कैंसर सेल्स भूखे नहीं मरते
एरिका कॉनर का कहना है कि शुगर ग्लूकोज के रूप में आपके शरीर के हर सेल यहां तक कि ब्रेन के लिए भी एनर्जी का प्राइमरी सोर्स है. कैंसर सेल्स कई नॉर्मल सेल्स के मुकाबले ग्लूकोज़ का ज़्यादा तेज़ी से इस्तेमाल करते है. क्या आप कैंसर सेल्स को डाइट से भूखा नहीं रख सकते है? एरिका कॉनर ने कहा कि उनके कई मरीज कैंसर को एक खेल समझते है, जिसमें कैंसर सेल्स एक्टिवेटेड शुगर मॉलिक्यूल्स को ढूंढते है और उन्हें खा जाते है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है.
बहुत ज़्यादा शुगर खतरनाक?
इलाज के दौरान बहुत ज़्यादा शुगर पर रोक खतरनाक हो सकती है. जब लोग सुनते हैं कि ‘शुगर कैंसर को बढ़ावा देती है,’ तो कई लोग अपनी डाइट में बहुत ज़्यादा कमी कर लेते है. लेकिन शुगर छोड़ने से कैलोरी की बहुत ज़्यादा कमी हो सकती है और बहुत ज़्यादा वजन कम हो सकता है. इसके नतीजे गंभीर हो सकते है.

