Agarbatti Jalane Ke Nuksan: सिगरेट से भी ज्यादा जहरीली है अगरबत्ती, सुबह शाम कैंसर को दे रही बुलावा, सच जान मुंह को आ जाएगा दिल!

Agarbatti Jalane Ke Nuksan: धूप-अगरबत्ती को जलाने से उठने वाला धुआं आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। एक शोध में बताया गया है कि अगरबत्ती और धूपबत्ती में इस्तेमाल होने वाले पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन का सीधा असर आपके दिल के पास मौजूद फेफड़ों पर हो रहा है।

Published by Preeti Rajput

Agarbatti Jalane Ke Nuksan: हर घर के मंदिर में पूजा-पाठ में धूप- अगरबत्ती का इस्तेमाल किया जाता है। क्या आप जानते हैं जो पूजा आप अपनों के लिए करते हैं ताकि आपके अपने सुरक्षित रहें, वही उन्हें नुकसान पहुंचा रही है। जी हां जाने अनजाने आप अपनों की जान को मुसीबत में डाल रहे हैं। अगर आप भी पूजा-पाठ के लिए धूप- अगरबत्ती का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अपनी यह आदत बदल लेनी चाहिए। दरअसल यहां बात आस्था को ठेस पहुंचाने की नहीं बल्कि धूप और अगरबत्तियों से उठ ने वाले धुएं की हो रही है। 

रसोई से बाथरूम तक…घर के हर कोने से कॉकरोच होंगे गायब, इस देसी जुगाड़ के आगे बड़े-बड़े केमिकल फेल

धुएं से सेहत को हो रहा नुकसान

अगरबत्ती के धुएं में मौजूद रसायन फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई शोध बताते हैं कि अगरबत्ती और धूपबत्ती में इस्तेमाल होने वाले पॉली एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAH) फेफड़ों पर बुरा असर डालते हैं। इनसे निकलने वाला धुआँ शरीर की कोशिकाओं पर बुरा असर डालता है और यह सिगरेट के धुएँ से भी ज़्यादा जहरीला होता है। आपको बता दें, अगरबत्ती के धुएँ में मौजूद रसायन फेफड़ों की झिल्लियों में संक्रमण पैदा कर सकते हैं। इसके धुएँ के लगातार संपर्क में रहने से फेफड़ों की कोशिकाओं में सूजन आ सकती है।

Donald Trump: नसों की इस बीमारी से जूझ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति, बस एक गलती और चली जाएगी जान! जानें इस खतरनाक बीमारी का क्या है इलाज

इन बीमारियों का हो सकता है खतरा

  • स्किन पर एलर्जी- धूप और अगरबत्ती का धुआं आंखों में जलन पैदा करता है। साथ ही संवेदनशील स्किन वालों लोगों को एलर्जी भी हो जाती है।
  • दिमाग पर बुरा असर-धूप और अगरबत्ती के केमिकल धुएं से दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। सिरदर्द,  डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का भी खतरा बढ जाता है।
  • कैंसर की बीमारी- अगरबत्ती और धूपबत्ती का धुआं फेफड़ों पर बुरा असर डालता है। इस धुएं से फेफड़ों का कैंसर, श्वासनली का कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है।

Disclaimer: इनखबर इस लेख में सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए बता रहा हैं। इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Preeti Rajput
Published by Preeti Rajput
Tags: Cancer

Recent Posts

Vishavdeep Singh Attri: कौन है मेजर विश्वदीप सिंह अत्री, जिन्हें मिला जीवन रक्षा पदक, क्या है इसकी वजह?

Indian Army Story: भारतीय सेना के मेजर विश्वदीप सिंह अत्री इन दिनों चर्चा में है.…

January 30, 2026

TG TET Response Sheet 2026: TS TET रिस्पॉन्स शीट 2026 जारी, जानें PDF कैसे करें डाउनलोड?

TG TET Response Sheet 2026: TG TET रिस्पॉन्स शीट 2026 जारी कर दी गई है.…

January 30, 2026